भाजपा सरकार की तानाशाही साजिश का हुआ पर्दाफाश, फर्जी एफआईआर के खिलाफ 8 जुलाई को होगा आंदोलन
प्रेसवार्ता में महेश परमार ने कहा, आम लोगों की आवाज को दबाने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर कराया केस दर्ज

उज्जैन। मप्र में भाजपा की तानाशाह सरकार आम लोगों की पीड़ा की आवाज को दबाने के लिए फर्जी एफआईआर दर्ज करा रही है। इसका सबूत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ अशोक नगर में दर्ज कराई गई एफआईआर है। भाजपा सरकार चाहती है कि कांग्रेस आम आदमी की पीड़ा को सामने नहीं लाए। यह आरोप तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने प्रेसवार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी ने मामले की जानकारी लगते ही कलेक्टर को फोन लगाकर कार्रवाई के लिए अवगत कराया था। अगर कांग्रेस राजनीति करना चाहती तो कलेक्टर को फोन नहीं लगाती। सीधे प्रेसवार्ता करके मामले की खुलासा करती है। परन्तु ऐसा नहीं किया गया था, इसका कारण था कि कांग्रेस लोगों को न्याय दिलाने में विश्वास करती है। परमार ने दावा किया कि पूरा मामला अशोक नगर जिले के एक गांव का है। सरपंच ने पीड़ितों के साथ मारपीट की। अमानवीय कृत्य भी किया। इसकी शिकायत 10 जून को पीड़ित ने जनसुनवाई में की थी। लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परमार ने कहा कि दस दिन से पीड़ित की आवाज कलेक्टर, एसपी नहीं सुन रहे थे। जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मामला उठाया तो उनके खिलाफ ही झूठी एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसका खुलासा भी पीड़ित ने ही कर दिया है। भाजपा की सरकार में कलेक्टर और एसपी भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। आम व्यक्ति को न्याय दिलाने के स्थान पर उसकी समस्या के लिए आवाज उठाने वाले पर केस दर्ज किया जा रहा है। अब फर्जी एफआईआर रद्द नहीं की गई और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 8 जुलाई को अशोक नगर में पूरे प्रदेश से विधायक पहुंचेंगे और आंदोलन के माध्यम से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी, जिला अध्यक्ष कमल पटेल, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय, ब्लाक अध्यक्ष अभिषेक लाला, पार्षद छोटेलाल मंडलोई मौजूद थे।



