पीएम मोदी ने पथ विक्रेताओं के लिए योजना बनाई, निगम अफसर कर रहे परेशान
नाराज पथ विक्रेताओं ने नारेबाजी की, नगर निगम से समस्या निराकरण की मांग

उज्जैन। पीएम मोदी और राज्य सरकार ने पथ विक्रेताओं के लिए योजना बनाई है। उनके कार्ड बनाए और परिवार की गुजर बसर करने के लिए उन्हें स्थान मुहैया कराया जा रहा है ताकि वे रोजगार कर सकें। परन्तु उज्जैन नगर निगम के अफसरों की लापरवाही की वजह से शहर के पथ विक्रेताओं को दर-दर भटकना पड़ता है। आए दिन पथ विक्रेताओं को नगर निगम की गैंग भगा देती है। यह आरोप पथ विक्रेताओं ने नगर निगम में प्रदर्शन के दौरान लगाए। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर और हरसिद्धी मंदिर के आसपास आए दिन रोजगार करने वाले पथ विक्रेताओं को परेशान किया जाता है। उन्हें निगम की गैंग द्वारा भगा दिया जाता है। वे सभी लोगों से मिलकर गुहार लगा चुके हैं कि उन्हें तय स्थान दे दिया जाए। इससे आने वाले भक्तों को भी परेशानी न हो और हमारा रोजगार चलता रहे। इस दौरान पथ विक्रेताओं ने नगर निगम अफसर पवन सिंह से मुलाकात करके समस्या के निराकरण के लिए सहायता मांगी। हाथ ठेला, फुटपाथ संगठन के महामंत्री संजय सिंह चौहान का कहना है कि 2020 में पीएम स्वनिधि योजना बनाकर पथ विक्रेताओं को रोजगार देने का प्रयास किया गया है। नगर निगम द्वारा सर्वे नहीं किया जा रहा है। सर्वे कार्ड रिन्युअल नहीं कर रहे हैं। रोजगार छीन रहे हैं। कलेक्टर ने हमारी समस्या को सुना है। हमारी समस्या के निराकरण के लिए टीवीसी कमेटी के सदस्य भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। निगरानी समिति पथ विक्रेताओं के शोषण के खिलाफ सुनवाई करती है वह आज तक नहीं बन पाई है। हाकर झोन नहीं बना है। टीन शेड नहीं बनाए गए हैं। विस्थापित हुए पथ विक्रेताओं के स्थान पर पैसे वालों ने दुकानें ले ली हैं। इससे हमारा हक मारा गया है। नगर निगम ने टेंडर निकालकर पथ विक्रेताओं की दुकानों को बेचने की योजना बना रखी है इससे असली पथ विक्रेताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए टेंडर को कैंसिल किया जाए।


