राजस्थान

राजकीय सेवा पूर्ण हुई अब समाजसेवा व जनकल्याण को अधिक समय देंगे अनंत जोशी 

– समर्पित सेवाओं के प्रतीक जोशी – विमल चौबिसा

बांसवाड़ा, 1 मार्च l  अपनी राजकीय सेवा से जुड़ी जिम्मेदारियो और राजकीय सेवा से संबंध कार्यों को सरकार द्वारा निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पर पूर्ण करने के बाद अब निवर्तमान प्रधानाचार्य एवं राज्य शिक्षा सेवा अधिकारी अनंत जोशी समाज सेवा, धर्म कर्म, ज्ञान ध्यान, जनकल्याण एवं राष्ट्रीय कार्यक्रमों को और अधिक समय देंगे l अपनी राजकीय सेवा के साथ विभिन्न राष्ट्रीय, समाज सेवा, धर्म कर्म और जनकल्याण गतिविधियों से जुड़े दायित्व को राजकीय सेवाओं के साथ नियमित रूप से निर्वहन करते रहे अनंत जोशी अब अपना पूरा समय परिवार के साथ समाज सेवा एवं जनकल्याण को देंगे l उनकी विदाई के मौके पर आयोजित समारोह में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक विमल चौबीसा ने जोशी की समर्पित व बहुआयामी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके कार्यों को युवा प्रतिनिधियों के लिए प्रेरक बताया l उन्होंने कहा कि जोशी ने अपने सेवा काल में शैक्षिक दायित्व को पूर्ण करने के साथ ही राजकीय स्तर पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों को जो प्रभावी व समर्पित सहयोग दिया है वह अविस्मरणीय है l जोशी के साथ लंबे समय तक शिक्षा विभाग में सेवाएं दे चुके चौबीसा ने उनके साथ बीते सुनहरे पलो को भी याद किया l

अनंत जोशी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती अंजुम खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। सरपंच श्रीमती लीलावती कटारा, पूर्व सरपंच कांतिलाल कटारा, उपसरपंच गौतम मईड़ा, वार्ड पंच सुभाष निनामा, श्रीमती मुकुल शुक्ल, संजीव पाठक, जयप्रकाश पंड्या आदि ने विचार व्यक्त करते हुए अनंत जोशी के शिक्षा विभागीय तथा विद्यालय कार्यकाल में विद्यालय के शैक्षिक भौतिक विकास की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की l

शिक्षा विभाग की पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा को समर्पण के साथ आगे बढ़ाने की परंपरा का निर्वहन करने वाले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झातला के प्रधानाचार्य अनंत जोशी शनिवार को अपने गौरवपूर्ण राजकीय सेवा के साथ सेवा पूर्ण का सेवानिवृत हुए l अपने पिता शिक्षा विभाग में संस्थाप्रधान के पद से सेवानिवृत्त हुए दिवंगत डायालाल जोशी की परंपरा को आगे बढ़ते हुए अनंत जोशी ने भी विभाग को अनवरत सेवाएं दी तथा शिक्षा विभाग की कार्यों के साथ ही राष्ट्रीय कार्यक्रम व अन्य समाज कल्याण, जन जागरूकता और जन सेवा गतिविधियों में अपनी प्रभावी भागीदारी निभाते हुए सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई l 23 सितम्बर 1989 को व्याख्याता (भौतिकी विज्ञान) के रूप में जोशी की शैक्षिक यात्रा घाटोल से प्रारम्भ हुई। व्याख्याता के रूप में नूतन ,खांदू कॉलोनी ,डाइट गढ़ी तथा भीलूड़ा में अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। तत्पश्चात लगभग दस वर्षों तक प्रधानाचार्य के रूप में रा. उ. मा. वि. झांतला में आपने ज्ञान, अनुशासन और नवाचार का वातावरण निर्मित किया। एम.एससी. (भौतिकी) एवं एम.एड. स्नातकोत्तर होने का लाभ शिक्षा जगत को समर्पित किया। विगत लगभग पंद्रह वर्षों से जिला स्तरीय विज्ञान मेलों में जोशी पथप्रदर्शक की भूमिका रही, आठ वर्षों तक इंस्पायर्ड अवार्ड प्रदर्शनी में ज्यूरी सदस्य के रूप में सेवाएँ दीं, पांच वर्षों से व्यावसायिक शिक्षा की जिला प्रदर्शनी में सक्रिय नेतृत्व किया, विभिन्न चुनावों में जिला मास्टर ट्रेनर तथा सहायक प्रभारी (प्रशिक्षण) के रूप में दायित्व निभाकर अपनी कार्यकुशलता का सशक्त परिचय दिया ओर इस हेतु दो बार जिला स्तरीय सम्मान प्राप्त किया। सामाजिक क्षेत्र में भी आपने विद्या भारती में जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला उपाध्यक्ष, विज्ञान भारती में जिला प्रमुख, राजस्थान ब्राह्मण महासभा में जिला उपाध्यक्ष, विश्व ब्राह्मण समाज संघ में संभाग उपाध्यक्ष, गायत्री मंडल में कार्यकारिणी सदस्य एवं कोषाध्यक्ष, रेसला में जिला मंत्री व सभाध्यक्ष, रेसा पी में सभाध्यक्ष से संरक्षक, कपिल केदारेश्वर मंदिर ट्रस्ट में सचिव तथा भट्ट मेवाड़ा समाज में युवा समाज प्रमुख के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया और सेवा को संस्कार का रूप प्रदान किया। जोशी की सेवानिवृत्ति पर विभिन्न सामाजिक व जन सेवा संगठनों ने भी उनके निवास पर जाकर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया l

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