राजस्थान

राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का दो दिवसीय प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन कल से बांसवाड़ा में; मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री करेंगे शिरकत

-प्रेस वार्ता मे बांसवाड़ा के लियो कॉलेज पर आयोजित सम्मेलन की कार्य योजना प्रस्तुत की

बांसवाड़ा । प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन, राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का दो दिवसीय प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन कल, 19 दिसंबर से लियो संस्थान, डांगपाड़ा (बांसवाड़ा) में शुरू होने जा रहा है। आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षक जुटेंगे। लियो संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रमेशचन्द्र पुष्करणा ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध है। इसकी सदस्य संख्या दो लाख 70 हज़ार है। दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षा,शिक्षार्थी और शिक्षक तीनों के लिए सतत प्रयत्नशील रहता है और इन अगले दो दिनों में 19 और 20 दिसंबर 2025 को बांसवाड़ा में प्रदेश का शैक्षिक सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जिसमें भजनलाल शर्मा: माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान, मदन दिलावर: माननीय शिक्षा मंत्री, बाबूलाल खराड़ी: माननीय जनजाति मंत्री, महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज एवं बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद महाराज, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायणलाल गुप्ता, राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, आरएसएस के क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह राठौड़ व प्रांत कार्यवाह शंकरलाल माली का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
इस आयोजन में विभिन्न विषयों पर चर्चा परिचर्चा करने के लिए हमने एक कैलेंडर जारी किया है। उसके अनुसार दिन भर विभिन्न बैठकें होंगी। हमने शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं वह सुझाव आएंगे और उन सुझावों को हम राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे। दूसरे दिन खुला सत्र होगा। उसमें कई प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। वह भी राज्य सरकार तक भेजे जाएंगे। इस प्रकार हमारी विभिन्न प्रकार की जो मांगे हैं उनके लिए हम प्राथमिकता के क्रम में कुछ चीजें हम रखने वाले हैं। सबसे पहले तत्कालिक जो विषय है शिक्षकों के ट्रांसफर पर प्रतिबंध है उसको तत्काल सरकार हटाए और हटाते ही सभी संवर्गों के स्थानांतरण करें और दूसरा विषय रखेंगे हम पदोन्नति। अभी तक कई पदोन्नतियां कोर्ट में हो या राज्य सरकार की कमी के कारण नहीं हुई हो सभी हम चाहते हैं अप्रैल 2026 तक जीरो पदोन्नति हो, सारी पदोन्नति हो जाए। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। शिक्षक बार बार स्थानांतरण की मांग करते हैं। इसकी कमी के लिए भी हम सरकार को सुझाव देने वाले हैं। इसमें ग्रामीण भत्ता दिया जाए ताकि शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने के लिए तत्पर रहेगा। शहरी भत्ते की तरह ग्रामीण भत्ता दिए जाने की मांग भी करेंगे हम उसके पश्चात संविदा के शिक्षक राजस्थान में पैंतीस हज़ार लगे हुए हैं। उन संविदा के शिक्षकों को जो पंचायत सहायक, शिक्षाकर्मी, पेरा टीचर विभिन्न नामों से जाने जाते हैं उनका नियमितकरण किया जाए। इसके पश्चात और भी कई सारे जो मुद्दे हैं। वेतन विसंगति का मुद्दा हमारे कई समय से चल रहा है जो प्रबोधक लगे लोग जो 2005 से 2010 के मध्य लगे उनकी एक छोटी सी त्रुटि के कारण वेतन विसंगति रह गई। 11,170 के बजाय 12,900 पर छठे वेतन आयोग में उनको फिक्स करना था। उसका जो अंतर रह गया उसको भी दूर करने का सरकार से अनुरोध करने वाले हैं।
प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने
अपनी बात रखते हुए कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के इस दो दिवसीय अधिवेशन में शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी और समाज इन सबके प्रति चिंतन करने के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे और इन सत्रों में विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। शिक्षक संघ राष्ट्रीय एकमात्र ऐसा संगठन है जो शिक्षा के प्रति और विद्यार्थियों के प्रति सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है और इन सबको अपने हित से पहले ऊपर उठकर इनके बारे में विचार करता है। इसके साथ ही क्योंकि शिक्षकों का संगठन है तो शिक्षकों के संगठन होने के नाते हम हमारे शिक्षक कार्यकर्ताओं की भी चिंता करते हैं। उनकी शासन और प्रशासन से विभिन्न प्रकार की जो समस्याएं कार्यक्षेत्र में आती है, उनको निराकरण कराने का संगठन पूरा प्रयास करता है और इसी के निमित्त खुला सत्र और प्रस्ताव सत्र जो हमारा आयोजित होने वाला है, उस सत्र में प्रदेश भर से आने वाले शिक्षक अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं को रखेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में किस प्रकार से नवाचार और शैक्षिक उन्नयन हो सकता है, उनके भी प्रस्ताव हम उस सत्र में पारित करेंगे और वह सब सरकार के समक्ष रखेंगे। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर के हम सतत चिंतनशील रहते हैं। कई समस्याएं सरकार से वार्ता के बाद उनका निराकरण हुआ है। कुछ अभी भी जस के तस बनी हुई है। उन सब को लेकर के भी हम प्रयास करेंगे। सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी और हमारे शिक्षा क्षेत्र के हमारे संरक्षक, शिक्षा मंत्री जी भी यहां उपस्थित रहने वाले हैं। उनके समक्ष भी हम उन समस्याओं को रखेंगे और उनसे उनके निस्तारण के लिए आग्रह करेंगे और संगठन उनके निस्तारण के लिए हर संभव कोशिश करेगा। प्रयास करेगा। क्योंकि शिक्षक हितैषी होने के कारण हम शिक्षा और शिक्षक दोनों में संतुलन बनाते हुए इस राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में पूरे राष्ट्र में उत्कृष्ट स्तर पर पहुंचाने का प्रयास सरकार के साथ मिलकर हम करेंगे। ऐसा इस अधिवेशन में शैक्षिक सम्मेलन में हम सब शिक्षक राजस्थान के मिलकर प्रस्ताव पारित करने वाले हैं। राजस्थान से लगभग दस से पंद्रह हज़ार के बीच में शिक्षक कल यहां उपस्थित रहेंगे और दूसरे दिन भी माननीय मुख्यमंत्री जी हमारे इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि के नाते सम्मिलित होंगे। दोनों दिन आने वाले कार्यकर्ता इस वागड़ की धरती पर राजराजेश्वरी त्रिपुरा सुंदरी की इस भूमि पर यहां शिक्षा को लेकर मंथन और चिंतन करेंगे।
सम्मेलन के संयोजक डॉ ऋषिन चौबीसा ने बताया कि
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के दो दिवसीय शैक्षिक अधिवेशन के लिए बांसवाड़ा संभाग के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ तीनों जिलों के शिक्षकों ने, कार्यकर्ताओं ने तन मन धन से संपूर्ण राजस्थान के कोने कोने से आने वाले शिक्षकों के लिए अपनी पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं। अधिवेशन स्थल पर 10 हज़ार से अधिक शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था की है। पूरे राजस्थान के दूर दूर से सुदूर क्षेत्रों से आने वाले शिक्षकों के लिए आवास, भोजन इत्यादि की व्यवस्था संगठन के पदाधिकारियों ने, कार्यकर्ताओं ने सबने मिलकर की है। आपके इस माध्यम से मैं बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ चुकी यह अपना संगठन स्तर पर संगठन के जो 10 संभाग निर्धारित है, उसके अंतर्गत बांसवाड़ा संभाग, डूंगरपुर, बांसवाड़ा प्रतापगढ़ के शिक्षकों ने यह आयोजन संयुक्त रूप से कर रहे हैं तो उन सभी के माध्यम, कार्यकर्ताओं के माध्यम से मैं सभी से आह्वान भी करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में इस अधिवेशन में डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ चुकी हमारा यह टीएसपी क्षेत्र है और इस टीएसपी क्षेत्र के सभी शिक्षक इस दो दिवसीय महाकुंभ में अपनी सहभागिता दोनों दिन रखें। यह सम्मेलन शिक्षक हितों, शिक्षा नीति और शैक्षिक उन्नयन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। आयोजन के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली गई हैं और प्रदेश भर से आने वाले हजारों शिक्षकों में भारी उत्साह है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश से योगेश कुमार, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, सह संयोजक दिनेश मईडा, प्रदेश उपाध्यक्ष बांसवाड़ा संभाग देवीलाल पाटीदार, संभाग संगठन मंत्री दिलीप पाठक, आशीष उपाध्याय, जयदीप पाटीदार,प्रवीण जैन, बलवंत बामणिया,मोहनलाल शर्मा, रमेशचन्द्र पाटीदार, जनक भट्ट, कमलसिंह सोलंकी, शंकरलाल कटारा, देवीलाल निनामा आदि उपस्थित रहे।

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