उज्जैन संभाग

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की उत्तरपुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन होगा

-अध्ययनशालाओं में अध्यापन कार्य को हेतु अतिथि विद्वानो को आमंत्रित करने के संबंध में कार्यपरिषद ने कमेटी गठित की

-सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह ने दी निर्णयों की जानकारी

उज्जैन । सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की उत्तरपुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन करवाया जाकर डिजिटल सिक्युरिटी पद्धति पर कार्य किया जाएगा।विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर स्थित कृषि आवासगृह परिसर स्थित (नौ-खोली एवं छः खोली) कुल 21 आवासगृह डिस्मेंटल किये जाएंगे।शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अध्ययनशालाओं में अध्यापन कार्य को सूचारू रूप से संचालित करने हेतु अतिथि विद्वानो को आमंत्रित करने के संबंध में कार्यपरिषद ने कमेटी गठित की। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह ने 17 दिसम्बर को आयोजित कार्यपरिषद् की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताएं कि, बैठक में कुल 45 विषय विचारार्थ थे 15 विषय अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय में सम्मिलित थे जिनमें से 65 बिंदुओं में से 25 बिंदुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। कुशवाह ने बताया कि, मध्यप्रदेश शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुक्रम में परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का डिजीटल मूल्यांकन कराए जाने पर सहमति बनी और विश्वविद्यालय स्वयं डिजिटल मुल्यांकन कराए जाने के स्तर पर डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति अपनाए जाने हेतु टेंडर करने या अन्य आवश्यक कार्यवाही करने की प्रक्रिया शीद्य प्रारंभ करे। यह मूल्यांकन कराए जाने के संबंध में डिजिटल सिक्यूरिटी का भी ध्यान रखा जाएगा। साथ ही प्रत्येक विषय के सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी की उत्तरपुस्तिका समस्त विद्यार्थियों के अवलोकन हेतु उदाहरण के तौर पर पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

कुशवाह ने बताया कि बैठक में कार्यपरिषद् की आपात बैठक दिनांक 04.04.2025 कार्यविवरण, विद्यापरिषद् की स्थायी समिति की बैठक दिनांक 05.08.2025, 06.06.2025, 31.07.2025 एवं 30.09.2025 के कार्यविवरण तथा विद्यासंबंधी योजना एवं मूल्यांकन बोर्ड की बैठक दिनांक 22.04.2025,01.07.2025 एवं 09.07.2025 के कार्यविवरण की पुष्टि की गई। इसके साथ ही शोध अभ्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंधों के परिक्षकों की अनुशंसा के आधार पर प्रदान की गई पीएच.डी. उपाधि की सूचना ग्राहय की गई। वहीं विश्वविद्यालय की वर्ष 2024-25 की विभिन्न परीक्षाओं में अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले परीक्षार्थियों के प्रकरण पर विचार करने हेतु विश्वविद्यालयीन अध्यादेश क्रमांक 05 के कंडिका क्रमांक 21 (7-ए) के प्रावधान अनुसार समिति गठन की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक मे विश्वविद्यालय की पी.एच.डी प्रवेश परीक्षा सत्र 2022 की निरस्ती के विरूद्ध दायर याचिका क्र. डब्ल्यू.पी. 31954/2023 में पारित निर्णय दिनांक 18.06.2025 अनुसार कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक मे प्री एण्ड पोस्ट परीक्षा परिणाम प्रोसेसिंग कार्य के अनुबंध एवं कार्य आदेश को स्वीकृति प्रदान की गई। जिसके अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा प्री एण्ड पोस्ट परीक्षा परिणाम प्रोसेसिंग हेतु दिनांक हेतु दिनांक 24.1.2024 को ई निविदा जारी की गयी थी। विश्वविद्यालय द्वारा ई-निविदा को खोले जाने हेतु विश्वविद्यालय की क्रय समिति के सम्मुख उक्त निविदा को खोले जाने हेतु दिनांक 7.2.2025 एवं 10.2.2025 को बैठक आयोजित की गयी थी। उच्च क्रय समिति द्वारा व्यूनतम दर होने से में. वण्डर पाइंट क्रिएटिव साल्यूशन प्रा. लि. नई दिल्ली को प्री एण्ड पोस्ट परीक्षा परिणाम प्रोसेसिंग कार्य करने योग्य पाया गया है।विश्वविद्यालय एवं फर्म वण्डर पाइंट क्रिएटिव साल्यूशन प्रा.लि. नई दिल्ली के बीच दिनांक 16.4.2025 को अनुबंध हुआ एवं दिनांक 20.5.2025 को प्री एण्ड पोस्ट परीक्षा परिणाम प्रोसेसिंग हेतु कार्य आदेश प्रदान किया गया साथ ही निविदा में बिन्दु क्रमांक 08 के लिये में. लर्निंग स्पाइरल प्रा.लि. को कार्य हेतु उपुयक्त पाया गया था इस संबंध में विश्वविद्यालय के द्वारा संबंधित फर्म को दिनांक 25.3.2025 एवं दिनांक 19.5.2025 को अनुबंध हेतु पत्र भेजा गया था परन्तु संबंधित फर्म के द्वारा दिनांक 4.6.2025 के द्वारा कार्य करने मना कर दिया गया था। कार्य नहीं करने के कारण विश्वविद्यालय के द्वारा दिनांक 26.6.2025 क्रमांक 1737 के द्वारा प्री एण्ड पोस्ट परीक्षा परिणाम प्रोसेसिंग हेतु में. वण्डर पाइंट क्रिएटिव साल्यूशन प्रा.लि. नई दिल्ली को आदेश प्रदान किया गया है। बैठक मे विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर स्थित कृषि आवासगृह परिसर स्थित (नौ-खोली एवं छः खोली) कुल 21 आवासगृह डिस्मेंटल किये जाने का निर्णय लिया गया।विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर स्थित कृषि आवसगृह (नौ खोली एवं छः खोली) अत्यंत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त होने पर उज्जैन इंजीनियरिंग कालेज, उज्जैन द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिर्पोट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। बैठक में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के भवनों का मरम्मत एवं अन्य कार्य पूर्व से कार्यरत कंस्ट्रक्शन से आगामी निविदा स्वीकृति तक उसी अनुबंध के तहत् करवाने की स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में व्रणिज्य विषय में डॉ. श्वेता तलेसरा को डि.लिट. उपाधि प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई ।बैठक मे विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन का नाम सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय किये जाने पर प्रकरण कार्यपरिषद के सूचनार्थ प्रस्तुत हुआ।

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