राजस्थान

शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं – कानहेंग रावत प्रधान कुशलगढ़

राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न
-समस्याओं पर चर्चा कर मांग पत्र तैयार किया, शिक्षा में नवाचार पर किया मंथन
बांसवाड़ा, 27 सितंबर l शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कुशलगढ़ में चल रहे दो दिवसीय अधिवेशन का समापन शनिवार को शिक्षकों की समस्याओं व हितों पर चर्चा के साथ संपन्न हुआ। उपशाखा अध्यक्ष पृथ्वीसिंह पड़वाल ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में खुले सत्र के दौरान शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं यथा स्थानांतरण, वेतन विसंगति, पदोन्नति, पोषाहार, गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षको को मुक्त करने सहित अन्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद संघ ने अपना मांग पत्र तैयार किया है, जो प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री को सौंपा जाएगा जिसमें शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।
अधिवेशन के द्वितीय दिवस खुले सत्र का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता सभाध्यक्ष दिग्पाल सिंह राठौड़, मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष दिनेश मईडा, विशिष्ट अतिथि जिला संगठन मंत्री रमेशचन्द्र पाटीदार, संभाग मीडिया संयोजक आशीष उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष भरत माधविया, जसवंत मेरावत रहे। खुले सत्र के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षकों के कर्तव्य, अधिकार व सामाजिक दायित्व आदि विषयों पर खुलकर चर्चा की। खुले सत्र में जिले की सभी 13 उपशाखाओं से आए अध्यक्षों ने अपनी अपनी उपशाखाओं में शिक्षकों की समस्याओं के बारे में अपनी बात रखी। संभागी शिक्षकों ने संगठन के मांग पत्र में जोड़ने चुनाव, जनगणना और आपदा कार्यों को छोड़कर अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने, शाला दर्पण पोर्टल पर एक्सेस की दिक्कत को दूर किया करने एवं जो सुचना शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध है (ऑनलाइन ) उसे ब्लॉक व जिला कार्यालय द्वारा न मांगी जाने, माध्यमिक शिक्षा मे स्टाफिंग पैटर्न लागु कर सेटअप परिवर्तन करने, सभी संवर्गो में पिछले कई वर्षों से अटकी डीपीसी करने, सभी संवर्गो के स्थानांतरण शीघ्र किए जाने, वेतन विसंगति में शीघ्र सुधार करने, सेटअप परिवर्तन में विकल्प व्यवस्था करने, बंद विद्यालय खोलने, काउंसलिंग में शत-प्रतिशत पद खोलने, बकाया मेडिकल, टीए व डीए का तुरंत भुगतान करने, विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षक की नियुक्ति करने, कक्षा 1 से 8 तक अनुत्तीर्ण व्यवस्था, संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों की क्रमोन्नति तथा शारीरिक शिक्षको की पदोन्नति, पी डी मद के वेतन में आ रही बजट समस्या दूर कर शीघ्र वेतन करवाने, सभी संवर्गो में नियमति डी पी सी करने, एम डी एम तथा बाल गोपाल दुग्ध योजना का बजट अग्रिम जारी करने,तथा दीपावली से पहले कुक कम हेल्पर का मानदेय दिए जाने, शिक्षाकर्मी, शिक्षा सहयोगियों तथा पंचायत सहायकों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने, मॉडल विद्यालयों का समय सामान्य विद्यालय की भांति करने, वाणिज्य विषय के शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने, विद्यालयों में व्याख्याता और प्रधानाचार्य के रिक्त पद शीघ्र भरने, छात्रवृत्ति कल्याणकारी योजना के लाभार्थी के आधार, जनाधार प्रमाणीकरण कार्य राशन या ने लाभ के साथ जोड़ने, सरकारी विद्यालय में नामांकन घटने का एक कारण प्रवेश के लिए उम्र की सीमा, इसलिए विद्यालयों में एन टी टी और पूर्व प्राथमिक अध्यापक लगाकर पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन करने आदि मांगे रखी l
समापन सत्र – अधिवेशन के द्वितीय दिवस के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुशलगढ़ प्रधान कानहेंग रावत रहे, अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दिनेश मईडा ने की, विशिष्ट अतिथि निजी शिक्षण संस्थान के संरक्षक हंसमुख सेठ,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रेखा जोशी, खंड संघचालक कैलाश बारोट तथा शिक्षाविद भीमजी सुरावत रहे। मुख्य अतिथि कुशलगढ़ प्रधान कानहेंग रावत ने शिक्षको को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज को नई दिशा प्रदान करता है। शिक्षक पर समाज विश्वास करता है। शिक्षक की बातों का असर बच्चों पर पड़ता है। वह जो भी विचार रखता है वह सही माना जाता है। शिक्षक की जगह कोई मशीन नहीं ले सकती है। शिक्षक यदि पूर्ण मनोयोग से अपना कार्य करें तो उसे किसी चीज की आवश्यकता नहीं है। शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं। वे हमारे जीवन के पहले गुरु होते है, जो हमें केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई की सच्ची शिक्षा भी देते हैं।
वागड़ के विकास में आप सभी शिक्षक साथियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप यहां से प्रशासनिक अधिकारी तैयार करवाओ जिससे यह क्षेत्र समृद्ध हो सके। राज्य और केंद्र सरकार जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है उनका लाभ प्रत्येक बच्चे तक पहुंचे उसका दायित्व आप सभी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का प्रयास राज्य स्तर पर करवाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।इस अवसर पर उन्होंने उपशाखा कुशलगढ़ को सफल आयोजन की बधाई दी।
प्रतिभाओं का किया सम्मान: सम्मेलन के दूसरे दिन जिले की विभिन्न प्रतिभाओं का कुशलगढ़ उपशाखा की ओर से सम्मान किया गया। दस मीटर एयर राइफल शूटिंग में नेशनल गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता रीना कटारा, गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में एम एस सी में गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता विधि जोशी, बिना किसी कोचिंग के आई आई टी में चयन होने पर, साथ ही सम्मलेन में आर्थिक सहयोग करने वाले जगदीश सिंह तंवर, देवशंकर पंड्या, सेवानिवृत सैनिक मनु भाई , पुना भाई तथा ज्ञानप्रकाश बैरागी का सम्मान किया गया। कुशलगढ़ क्षेत्र के पत्रकार ललित गोलेछा, सुनील शर्मा, दीपांशु गुप्ता, तिलोत्तमा पंड्या, नरेंद्र जैन का भी इस अवसर पर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सभाध्यक्ष दिगपाल सिंह, जिला संगठन मंत्री रमेशचन्द्र पाटीदार, सम्भाग मीडिया संयोजक आशीष उपाध्याय, जसवंत मेरावत,वजीर खान पठान, नारायणलाल पाटीदार, बंसीलाल डिंडोर, भगवतीलाल खांट, अशोक मईडा , बहादुर सिंह पारगी, मोहनलाल शर्मा, रणछोड़ पाटीदार, कलसिंह मछार, वजीर खान पठान, रघुवीर सिंह चौहान, सरदारसिंह डामोर, दिव्या पंड्या, सारिका सुरावत, भाग्यवान सिंह राठौड़, बलदेव सिंह अड़, संजय नाहटा, दुलेसिंह डामोर, पूर्वा बोहरा आदि उपस्थित रहे ।

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