राजस्थान

बच्चों का पठन कौशल बढ़ाने और मात्राओं का कौशल परखने के लिए रत्न के लिए यत्न का विमोचन 

-शिक्षा विभागिय प्रशासनिक बैठक सम्पन्न

बांसवाड़ा, 19 सितंबर l जिले के शिक्षा विभागीय अधिकारियों व संस्था प्रधानों की प्रशासनिक बैठक गुरुवार को न्यू लुक ग्रुप इन्स्टीट्‌यूशन परिसर लोधा में शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीष कुमार गुप्ता के मुख्य आतिथ्य, संयुक्त निदेशक उद‌यपुर मण्डल रंजना कोठारी क़ी अध्यक्षता तथा कोटा जिले के एडीपीसी रूपेश कुमार सिंह के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुई।

आरंभ में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने जिले क़ी विभिन्न शिक्षा विभागीय गतिविधियों क़ी जानकारी दी एवं रिक्त पदों क़ी पूर्ति एवं विद्यालय भवन क़ी कमी पूर्ति हेतु ध्यान आकृष्ट किया। संयुक्त निदेशक रंजना कोठरी ने शिक्षक का पद गौरवपूर्ण बताते हुए कहा क़ी सभी इस पद क़ी गरिमा के अनुरूप कार्य करें। मुख्य अतिथि सतीष कुमार गुप्ता ने अपने उद्‌बोधन के विभागीय नियमो के अनुसार विद्यालय संचालन करने के एवं पूर्ण निष्ठा से सजग रहकर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने विद्यालयों एवं कार्यालयो में स्वच्छता पर जोर दिया एवं कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जीवन निर्माण मे आवश्यक है विद्यालय संस्कारो का केंद्र बने। संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा रंजना कोठारी के सेवा निवृत्ति होने पर उनका पगड़ी व शाल ओढाकर बहुमान किया गया। सहायक निदेशक भरत कुमार पंड्या ने बताया कि झांतला विद्यालय में संस्था प्रधान अनंत जोशी के मार्गदर्शन में झांतला विद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रखर कार्यक्रम के संचालन मे सहयोग हेतु तैयार पाठ्य सामग्री रत्न के लिए यत्न का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।  बैठक मेंन्यू लूक संस्थान के निदेशक प्रदीप कोठारी, समस्त सी.बी.ई.ओ, एडीपीसी, एडी, जिले के समस्त प्रधानाचार्यों एवं समान शिक्षाधिकारी, आदि मौजुद रहे। कार्यक्रम का संचालन ए.डी.इ ओ विमल चौबीसा ने किया एवं आभार डी.ई.ओ. प्रारम्भिक शिक्षा शफ़ब अंजुन ने माना। ध्यान रहे सरकारी विद्यालयों के बच्चों की पठन क्षमता बढ़ाने के लिये शिक्षा विभाग की प्रखर 2 योजना के अंतर्गत बच्चों के क्रमश शैक्षिक विकास के लिये तलवाडा ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झांतला के शिक्षकों ने एक पुस्तक रत्न के लिये यत्न तैयार की है जिसका आज अतिथियों ने विमोचन किया । श्रीमती कामिनी जोशी, शहनाज परवीन व ज्योति भावसार द्वारा तैयार की गई इस पुस्तक के संपादक व संस्था प्रधान अनंत जोशी के अनुसार उक्त पुस्तक से विद्यार्थियों को सिखाने के साथ साथ हिंदी वर्णमाला कि मात्राओं के पठन कौशल प्राप्त करने की भी जानकारी मिलेगी। इसका मूल्यांकन प्रपत्र भी विशेष रूप से तैयार किया गया है l इससे प्रत्येक बच्चे के लिये यह सहज रूप से ज्ञात किया जा सकता है कि उसने किस मात्रा तक के शब्दों को ठीक से पढ़ना व लिखना सीख लिया है।

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