धर्म और समाज
200 शब्दों को सुनकर हूबहू दोहराने का प्रयोग करेंगे जैन संत, साक्षी बनेगा उज्जैन

उज्जैन । जैन संत 200 शब्दों को सुनकर हूबहू दोहराने का प्रयोग करेंगे। इन शब्दोंं को उल्टे क्रम मेंं भीदोहराएंगे। इन 200 शब्दों में ध्वनी और चित्र भी शामिल रहेंगे । यह जानकारी सागरचंदसागरसुरि जी म. सा. ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक तपागच्छ समुदाय के उज्जैन-भैरूगढ़ माणिभद्रजी तीर्थ उद्धारक शासनप्रभावक पू. आ. श्री अशोकसागरसूरीश्वरजी म. की निश्रा में उज्जैन में पहली बार 10अगस्त रविवार को सुबह 8 बजे मोनी बाबा आश्रम गंगा घाट मंगलनाथ रोड पर 200 अवधान का प्रयोग हो रहा है।अवधान के आयोजक श्री आदीश्वर चन्दप्रभु जैन श्वे.मू.पू.चा.थु.पा. ट्रस्ट उज्जैन,श्री माणिभद यक्षराज तीर्थधाम आगमोद्धारक चातुर्मास समिति भेरुगढ उज्जैन रहेंगे । सागरचंदसागरसुरि जी म. सा. ने प्रेस वार्ता में बताया कि पू. आ. जिनचंद्रसागरसूरिजी म. के शिष्य प्रवचन प्रभावक-200 अवधान के प्रेरक सागरचंद्रसागरसूरिजी के शिष्यरत्न वर्धमान तपोनिधि पू. गणी तीर्थचंद्रसागरजी म. के शिष्य मुनि वैराग्यचंद्रसागर के द्वारा यह 200 उवधान का प्रयोग हो रहा है। सागर समुदाय की उञ्जवल परंपरा में अवधान का गहरा संबंध रहा है।मुनि वैराग्यचन्द्र म. सा. मारवाड़ अगियार गाम विशा पोरवाल जैन समाज के काछोली (राज.) के कुलदीपक है। दीक्षा के पूर्व अहमदाबाद-साबरमती में सन् 1998 में 12वीं कक्षा में गुजरात बोर्ड में दूसरे स्थान पर उत्तीर्ण हुए, लेकिन दीक्षित भाई मनि तीर्थचन्द्र म.सा. के पास वेकेशन में गये हुए थे, रिजल्ट लेने के बाद घर नहीं गये और पू. सागरचंद्रसागरसूरिजी के चरणों में जीवन समर्पण कर आज से 26 वर्ष पूर्व 1999 में दीक्षा का स्वीकार किया। उनकी माता साध्वी जिनर्षिताश्रीजी एवं बहन साध्वी महर्षिताश्रीजी ने भी दीक्षा ली है। मोबाईल-कम्प्यूटर के जमाने में मुनिश्री का 200 अवधान का यह प्रयोग युवा-विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और ज्वलंत आदर्शरूप रहेगा।अवधान यानि ध्यान एवं संयम के माध्यम से उत्पन्न हुई धारणा शक्ति-स्मरणशक्ति का एक अद्भुत प्रयोग है। श्री आदीश्वर चन्दप्रभु जैन श्वे.मू.पू.चा.थु.पा. ट्रस्ट उज्जैन के अध्यक्ष सुभाष दुग्गड एवं उपाध्यक्ष अश्विन मेहता,अभय मेहता, प्रकाश सांवरा, रविंद्र डागा, प्रदीप दख, कमल जैन आदि ने संयुक्त रूप से सभी को अवधान में आमंत्रित किया है।



