महापौर आरक्षण की प्रक्रिया शुरू, उज्जैन महापौर टटवाल को जुलाई में होंगे चार साल, जनवरी में हो सकते हैं महापौर चुनाव

उज्जैन (दैनिक उज्जैन रजत)। मध्य प्रदेश में महापौर आरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है नगरीय प्रशासन विभाग ने इसके लिए प्राधिकृत विहित अधिकारी के रूप मे नगरीय एवं आवास आयुक्त को नियुक्त किया है। उज्जैन में महापौर के चुनाव 17 जुलाई 2022 को हुए थे। कांग्रेस के महेश परमार को 1,33,317 वोट मिले थे जबकि भाजपा के मुकेश टटवाल को 1,34,240 वोट में मिले थे। मुकेश टटवाल 736 वोटो से विजय घोषित किए गए थे। 54 वार्ड में से भाजपा को 37 वार्डो पर जीत हासिल हुई थी जबकि कांग्रेस 17 वार्डों में ही जीत पाई थी। वार्ड 8 16 और 24 में 100 से कम वोटो से कांग्रेस चुनाव हार गई थी। वार्ड 8 में कांग्रेस तीन वोट से चुनाव हारी। वार्ड 16 में 94 वोट से और वार्ड 24 में 69 वोट से कांग्रेस चुनाव हारी थी। वार्ड 24 में राजेश बाथम ने हर्षवर्धन यादव को हराया था वार्ड 24 में सुशील श्रीवास जीते थे। कांग्रेस का दावा था कि 934 वोट से महेश परमार जीते थे परंतु री काउंटिंग के दौरान मुकेश टटवाल 736 वोटो से विजय घोषित किया गया। इसके खिलाफ महेश परमार कोर्ट भी गए थे। महापौर आरक्षण की प्रक्रिया के तहत है इस बार अगर नगर निगम या नगर परिषद बढ़ती है तो एससी-एसटी के लिए भी सीट बढ़ जाएगी इस लॉटरी में महापौर मुकेश टटवाल की खुलती है या नहीं यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि महापौर के चुनाव संभवतः 2027 की जनवरी में कराए जा सकते हैं। यानी अगले 6 महीने में महापौर के चुनाव की घोषणा हो जाएगी। स्थानीय निकाय मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है आज दावे आपत्ति का अंतिम दिन है। अगले 7 दिनों तक निराकरण होगा और इसके बाद फाइनल सूची का प्रकाशन हो जाएगा। वहीं महापौर मुकेश टटवाल का कहना है कि 7 अगस्त को उनके कार्यकाल के चार साल पूरे होंगे। क्योंकि सदन की पहली बैठक 7 अगस्त को हुई थी। इसके बाद 1 साल बचेगा। उन्होंने कहा कि अगला महापौर का चुनाव पार्टी फैसला करेगी। अगर महिला सीट होती है तो उनके परिवार से कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा।इधर विवेक गुप्ता एडवोकेट प्रदेश प्रवक्ता भाजपा का कहना है कि नगरीय निकाय चुनाव रोटेशन पद्धति से होंगे। सभी वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व ही सरकार की प्राथमिकता है।



