क्राइम
जीवाजीगंज पुलिस ने किए 17 लाख कीमत के 39 संदिग्ध चोरी के मोबाइल जप्त

आरोपी मोबाइल फोन इंदौर निवासी जितेन्द्र वासवानी को बेचे
उज्जैन।पुलिस अधीक्षक उज्जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना जीवाजीगंज पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों में तकनीकी विवेचना के माध्यम से एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता प्राप्त की गई है। पुलिस के मुताबिक थाना जीवाजीगंज पर पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 87/25 धारा 303(2), 317(2) बी.एन.एस. में विवेचना के दौरान, माह जून 2025 में आरोपी मोहम्मद इरशाद निवासी खिलचीपुर, जिला राजगढ़ को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी की दुकान से कुल 74 संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए थे। पूछताछ में आरोपी मोहम्मद इरशाद ने बताया कि उसने कुल 150 चोरी के मोबाइल फोन इंदौर निवासी जितेन्द्र वासवानी को बेचे थे। साथ ही, आरोपी के मोबाइल फोन से प्राप्त तकनीकी साक्ष्य भी इसी दिशा में संकेत दे रहे थे। इन्हीं आधारों पर आरोपी जितेन्द्र वासवानी को भी विवेचना में सम्मिलित कर आरोपी बनाया गया।
महिला मित्र भी बनी आरोपी: प्रकरण की आगे की जांच में जितेन्द्र वासवानी की महिला मित्र के बैंक खातों में आरोपी मोहम्मद इरशाद द्वारा सितंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच यूपीआई के माध्यम से ₹17 लाख से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई पाई गई। महिला की भूमिका भी संदेहास्पद पाए जाने पर उसे संगठित अपराध की धाराओं में आरोपी बनाया गया है।
दबिश एवं बरामदगी: 01 अगस्त 2025 को थाना जीवाजीगंज पुलिस द्वारा आरोपी जितेन्द्र वासवानी के तीन ठिकानों पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान आरोपी तो फरार मिला, किंतु उसके पिता जगदीश वासवानी (निवासी – पृथ्वी एवेन्यू अपार्टमेंट, वीर सावरकर नगर, थाना अन्नपूर्णा, इंदौर) चोरी के मोबाइल छुपाकर ले जाते पाए गए। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 39 संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें 15 Apple iPhone, 4 Samsung, 7 Motorola, 4 Nokia, 3 Vivo, 2 Oppo, 1 Honor, 8 Redmi, 1 OnePlus व 1 Poco कंपनी के फोन शामिल हैं। जब्त किए गए मोबाइल्स की अनुमानित कीमत ₹17 लाख रुपये है, जिनके कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
सराहनीय भूमिका:• निरीक्षक: श्री विवेक कनोड़िया • प्रधान आरक्षक: श्री सर्वेश भदौरिया • दीपांशु पिपलोदिया • महेन्द्र वैष्णव • शिवांगी शर्मा • नवदीप भट्ट



