गुजरात

पद्मश्री” से सम्मानित, डॉ. जे.एम. व्यास अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अकादमी संघ (इंटरपा) के उपाध्यक्ष पद पर पुनः निर्वाचित

-इंटरपा के ‘उपाध्यक्ष’ पद पर पुनर्प्राप्ति भारत के बढ़ते वैश्विक फोरेंसिक नेतृत्व का सूचक: डॉ. जे.एम. व्यास

गांधीनगर। पद्मश्री से सम्मानित डॉ. जे.एम. व्यास, जो भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के संस्थापक कुलपति हैं, उन को अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अकादमी संघ (इंटरपा) का पुनः उपाध्यक्ष चुना गया है। यह चुनाव तुर्की के नेवसेहिर में आयोजित इंटरपा कार्यकारी बोर्ड की बैठक के दौरान हुआ। इंटरपा के ‘उपाध्यक्ष’ पद पर पुनः निर्वाचन न केवल डॉ. व्यास की व्यक्तिगत उपलब्धियों को उजागर करती है, बल्कि विज्ञान और शिक्षा के माध्यम से सुरक्षा और न्याय में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता का एक ऐतिहासिक परिणाम भी है।

अंतर्राष्ट्रीय पुलिस अकादमियों का संघ (इंटरपा) 63 देशों के 80 सदस्य संस्थानों वाला एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। यह पुलिस प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और मानकों के संवर्धन के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। भारत के वरिष्ठ फोरेंसिक वैज्ञानिक डॉ. जे.एम. व्यास का “उपाध्यक्ष” के रूप में पुनर्निर्वाचन उनके असाधारण नेतृत्व, फोरेंसिक विज्ञान और कानून प्रवर्तन शिक्षा में उनके व्यापक योगदान और पुलिसिंग एवं फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के उनके निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में, एनएफएसयू फोरेंसिक, साइबर और सुरक्षा विज्ञान तथा संबंधित विज्ञानों के लिए समर्पित दुनिया का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है। इसके अलावा, एनएफएसयू ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के लिए एक वैश्विक प्रतिष्ठा स्थापित की है।

इंटरपा के ‘उपाध्यक्ष’ पद पर पुनर्प्राप्ति पर “पद्मश्री” से सम्मानित डॉ. जे.एम. व्यास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “इंटरपा के उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। इंटरपा के ‘उपाध्यक्ष’ की पुनः निर्वाचन वैश्विक स्तर पर फोरेंसिक विज्ञान और पुलिस विज्ञान के क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व का सूचक है। मैं वैश्विक साझेदारी को बढ़ाने और सदस्य देशों में वैज्ञानिक पुलिस व्यवस्था और प्रशिक्षण के विकास में और अधिक सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए तत्पर हूँ।” राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय, इंटरपा का एक सक्रिय और महत्वपूर्ण सदस्य है, जो वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों में पेशेवर क्षमता निर्माण के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, अनुसंधान आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।

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