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यूपी में पॉलिटिक्स-भाजपा और ब्राह्मण गणित,11 जिलाध्यक्ष में से 3 ब्राह्मण

लखनऊ। उप्र में भाजपा ने जिलाध्यक्ष की लिस्ट जारी की है। इस सूची में एक कॉलम जाति का भी है। 11 जिलाध्यक्ष में से 3 ब्राह्मण हैं। 11 महीने पहले एक लिस्ट जारी हुई थी। 70 जिलों में अध्यक्ष के नाम का एलान किया था। उसमे 70 में से 20 ब्राह्मण थे। आज 11 में से तीन। यूपी में भाजपा के अब तक 14 प्रदेश अध्यक्ष हुए हैं। इनमें से 1980 से 2025 के बीच 6 अध्यक्ष ब्राह्मण रहे। 1980 में सबसे पहले अध्यक्ष माधव प्रसाद त्रिपाठी थे। कलराज मिश्र के अलावा कोई ऐसा अध्यक्ष नहीं रहा जो 2 बार पद पर रहा। 75 साल में राज्य में 21 सीएम बने हैं, जिसमें सबसे ज्यादा और लंबे समय तक ब्राह्मण समाज के मुख्यमंत्री रहे हैं। 21 में से कुल 6 सीएम ब्राह्मण रहे हैं। लेकिन ये सभी कांग्रेसी सीएम थे। गोविंद वल्लभ पंत, सुचेता कृपलानी, कमलापति त्रिपाठी, हेमवती नंदन बहुगुणा, श्रीपति मिश्र और नारायण दत्त तिवारी। पिछले 32 सालों से कोई ब्राह्मण सीएम यूपी को नहीं मिला। यूपी में 12% ब्राह्मण वोटर हैं। पूर्वांचल में इनकी संख्या 20% है। 100 सीटों पर ये असर डालते हैं। पिछले चुनाव में ब्राह्मणों के 90% वोट भाजपा को मिले थे।

ये सब—प्लस, माइनस, डिवीजन, —इसलिए हैं क्योंकि…  यूपी में जाति सिर्फ पहचान नहीं, राजनीतिक का सूचकांक है। बिना इसके न गणित बनता है, न गद्दी मिलती है।

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