धर्म और समाज
टीकमगढ़ शिव धाम कुंडेश्वर मंदिर के ट्रस्ट से पस्तोर को हटाया जाए : पंडित चतुर्वेदी

उज्जैन। मंदिरों में पूजा पद्धति और पुजारी का पद वंश परंपरा अनुसार ब्राह्मणों का वैष्णवों का गिरी, पुरी, गोस्वामी एवं अन्य परंपराओं में सम्मिलित अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के सभी प्रकार के लोगों की उपासना पद्धति के आधार पर पुजारी पद पर पुजारी नियुक्त होती चली आ रही हैं । प्रदेश में ऐसे कई मंदिर है जहां पूजा पद्धति उपासना के आधार पर अनुसूचित जाति जनजाति आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के लोग वर्तमान में भी पुजारी पद पर नियुक्त है किंतु पुजारी संघ ने आज तक कभी ऐसे नियुक्त पुजारियों की नियुक्ति का विरोध नहीं किया किंतु यदि जानबूझकर कुछ तत्व ऐसी वंशानुगत परंपरा को छेड़छाड़ का प्रयास करेंगे तो उनका तीव्र विरोध किया जाएगा ।टीकमगढ़ में कुंडेश्वर शिव धाम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अभिषेक पश्तोर ने सभी मंदिरों में अनुसूचित जाति के पुजारीयों को नियुक्त करने का निंदा जनक बयान दिया है टीकमगढ़ जिला कलेक्टर एवं मध्य प्रदेश शासन धर्मस्व विभाग ऐसे ट्रस्टी को तुरंत उपरोक्त मंदिर के ट्रस्ट से हटाए।



