लक्जरी बाइक फर्जी तरीके से फायनेंस कराते फिर इन्हें बेचकर चोरी कर लेने वाला गिरोह पकड़ाया


उज्जैन। लक्जरी बाइक फर्जी तरीके से फायनेंस कराने के बाद इन्हें सस्ते दाम पर बेचकर फिर चोरी कर लेने वाला कुख्यात बदमाशों के गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह वारदात को फायनेंस कंपनी के एजेंटों के माध्यम से अंजाम देते थे। पुलिस ने अभी 19 लाख की 13 लक्जरी बाइक के साथ चार गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है। इनकी निशानदेही से 21 बाइकों को बरामद किया जाना है। आरोपी बैंकों और फायनेंस कंपनी को चूना लगा रहे थे। यह जानकारी एसपी प्रदीप शर्मा ने देते हुए बताया नागदा के चारों युवकों को पुलिस ने चोरी की वारदात की शिकायत की जांच के बाद पकड़ा है। आरोपियों ने 34 वाइकों को फायनेंस कराना कबूला है।
बैंकों और फायनेंस कंपनी के एजेंटों से मिलकर वारदात को दिया अंजाम : एसपी शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने महिदपुर के हिन्दुजा लिलेंट फायनेंस के एजेंट कपिल राठौर, रतलाम के आईडीएफसी फायनेंस के एजेंट अक्षय, एसडीएफसी बैंक के एजेंट महेंद्र, बड़नगर के एसडीएफसी फायनेंस के एजेंट विनोद के साथ मिलकर दो पहिया वाहनों की कंपनियों के शो रूम से शराबी अथवा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को चार-पांच हजार का लालच देकर उनके दस्तावेजों से वाहन को फायनेंस करवाकर सस्ते दाम पर बेच देते थे।
सस्ते दाम पर वाहन खरीदने वाले भी बनेंगे आरोपी : एसपी शर्मा ने बताया कि आरोपियों से सस्ते दाम पर वाहन खरीदने वालों को भी आरोपी बनाया जा रहा है। अभी फैजान पिता फिरोज अहमद उम्र 25 साल निवासी एटलस चौराहा ने तीन वाहन, मोईज वजीही पिता मंसूर अली उम्र 31 साल निवासी एचबी ट्रेडर्स नागदा ने तीन वाहन, जावेद बेग पिता अकरम बेग उम्र 23 साल निवासी जांसापुरा उज्जैन ने दो वाहन, नीलेश कुमार पिता महेश कुमार वर्मा उम्र 27 साल निवासी सरकारी कुुआं के पास वार्ड 19 भवानीगंज मंडी राजस्थान ने चार वाहन आरोपियों से खरीदी हैं। पुलिस आधार नंबर, फर्जी दस्तावेज, बैंक के खातों की जानकारी, फायनेंस कंपनियों से दस्तावेज मंगा रही है। ताकि गिरोह से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।
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