उज्जैन पुलिस में ‘जीरो टॉलरेंस- नीति लागू, लापरवाही बरतने वाले 10 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस

-सुबेदार व उपनिरीक्षक सहित 10 पुलिसकर्मियों की ‘वार्षिक वेतन वृद्धि क्यों नहीं रोकी जाए ‘ इस संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये
उज्जैन। पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा आज पुलिस विभाग की तकनीकी इकाइयों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान थाना जीवाजीगंज क्षेत्र के अंतर्गत विष्णु सागर क्षेत्र में एक ‘गुम बालिकाÓ के संवेदनशील प्रकरण में तकनीकी शाखा की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में यह पाया गया कि उक्त क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे बंद थे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की दृष्टि से कैमरों का बंद होना पाया गया। विष्णु सागर क्षेत्र के कैमरों की लोकेशन में त्रुटि थी, साथ ही तकनीकी खराबी के कारण वे बंद रहे, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन में बाधा उत्पन्न हुई। इस शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए, पुलिस अधीक्षक द्वारा ‘जीरो टॉलरेंसÓ की नीति के तहत निम्नलिखित 10 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि (ह्रठ्ठद्ग ढ्ढठ्ठष्ह्म्द्गद्वद्गठ्ठह्ल ष्ठश2ठ्ठ) क्यों न रोक दी जाए इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने स्पष्ट किया है कि विष्णु सागर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी सुरक्षा से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में किसी भी महत्वपूर्ण प्रकरण में तकनीकी देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध इससे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
1. कंट्रोल रूम प्रभारी सुबेदार मनीष शुक्ला 2. उपनिरीक्षक (रेडियो) अनिल सराफ. 3. का.वा. प्र.आर. 809 विनोद मिश्रा. 4. का.वा. प्र.आर. 1278 रविन्द्र सिंह 5. का.वा. प्र.आर. 201 इरफान खान 6. महिला प्र.आर. 1310 नीलम चौहान 7. का.वा. प्र.आर. 1328 रणजीत सिंह भाटी 8. का.वा. प्र.आर. 712 कैलाश देवड़ा 9. आरक्षक 307 शुभम नामदेव10. आरक्षक 232 गगनदीप डाबी



