गुजरात

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर पर विशेष :अधिकारों के साथ कर्तव्य के प्रति भी जागरूक बने उपभोक्ता

लय द्विवेदी । देश में हर वर्ष की भांति 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस का विभिन्न स्तरों पर आयोजन किया जा रहा है और उपभोक्ताओं का अपने अधिकार व कर्तव्य के प्रति जागरूक बनने का संदेश प्रसारित किया जा रहा है l भारत सरकार ने आम उपभोक्ता के हितों के संरक्षण और समस्याओं के समाधान हेतु काफी प्रभावी और बेहतर इंतजाम किए हैं तथा किसी उपभोक्ता को बाजार व्यवस्था में कोई शिकायत या परेशानी आती है तो उसे न्याय व राहत के लिए भी सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध है, इन सब के बावजूद उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े न्यायिक संस्थानो में उपभोक्ता शिकायतो की संख्या काफी कम है l उपभोक्ताओं में जागरूकता का संचार करने के लिए सरकारी और उपभोक्ता संगठनों की ओर से देश भर में प्रभावी पहल और प्रयास किया जा रहे हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी संदेशों के प्रसारण से आम उपभोक्ता में चेतना का संचार हो रहा है l
ऐसा नहीं है बाजार व्यवस्था में खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को कोई समस्या या शिकायत नहीं होती है लेकिन अपने अधिकारों के प्रति जागरूक उपभोक्ता भी किसी तरह की समस्या होने पर समयाभाव या छोटे-मोटे मामलों को लेकर किसी तरह की शिकायत दर्ज करवाकर अग्रिम कार्रवाई करने से बचने का प्रयास करते हैं l ऐसी स्थिति में शोषण प्रवृत्ति के व्यापारियों के हौसले बढ़ते हैं तथा उपभोक्ताओं के शोषण की प्रवृत्ति की सोच रखने वाले प्रतिनिधियों की गतिविधियां जारी रहती है l इन सब से बचाव के लिए उपभोक्ताओं में अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूकता का संचार आवश्यक है ताकि वह किसी तरह की समस्या की स्थिति में उपभोक्ता संरक्षण की न्यायिक प्रक्रिया और राहत व्यवस्थाओं का उपयोग कर सके l मुद्दा यह नहीं है कि उपभोक्ताओ को खरीददारी या सेवाएं लेने के दौरान कितना नुकसान हुआ है, मुद्दा यह है कि उपभोक्ता के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी हुई है तो उसे मामले में कार्रवाई आवश्यक है ताकि शोषण प्रवृत्ति के व्यापारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके l यहां बात उपभोक्ता अधिकारों के साथ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति भी सचेत करने की है ताकि वे समय रहते शिकायत की स्थिति में कार्रवाई कर सके l
उपभोक्ता संरक्षण की प्रभावी व्यवस्थाएं, व्यापक प्रचार, उपभोक्ता संगठनों के नियमित प्रयास और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विभिन्न इंतजाम जिसमें न्यायिक व्यवस्था के साथ कंज्यूमर हेल्पलाइन जैसे व्यवस्थाएं भी उपलब्ध है l समस्या या शोषण की स्थिति में कार्यवाही को लेकर उपभोक्ताओं की उदासीन प्रवृत्ति वाली सोच में बदलाव के लिए जन जागरण करने के लिए अब उपभोक्ता संगठनों को तैयारी करनी होगी l उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग़ बने यह व्यवस्था कायम करने के लिए सभी को समन्वित प्रयास करने होंगे ताकि सरकार द्वारा बनाए गए कानून और उपभोक्ता संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासो के अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके l

अंतर्राष्ट्रीय उपभोक्ता आंदोलनकारी और सीसीआई के राष्ट्रीय चेयरमेन तथा कंज्यूमर मैन ऑफ़ इंडिया के नाम से विख्यात डॉ अनंत शर्मा की आज राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली से प्रारंभ हो रही उपभोक्ता जागरूकता भारत यात्रा इसी मुहिम को समर्पित है l देश के 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेशों के 145 प्रमुख शहरों से होकर गुजरने वाली इस यात्रा के दौरान 17000 किलोमीटर की दूरी तय होगी तथा करोड़ों उपभोक्ताओं को जागरूकता का संदेश देने का एक अनूठा प्रयास होगा l देश में उपभोक्ता संरक्षण को लेकर लगभग चार दशक से सतत प्रयासरत और देश के उपभोक्ता संगठनों को एक सूत्र में पीरोने वाले डॉ शर्मा की पहल रंग लाएगी इसमें कोई संदेह नहीं है l

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