पर्यावरण विषविज्ञान पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आज से अहमदाबाद में, तैयारिया पूर्ण

अहमदाबाद, 8 अप्रैल l नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर से संबद्ध नरनारायण शास्त्री इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी जेतलपुर के तत्वावधान में पर्यावरण विषविज्ञान पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 अप्रैल को NSIT कैम्पस के सेमिनार हॉल में होने जा रहा है जिसमें देश भर से प्रतिनिधि भाग लेंगे l आयोजन को लेकर संस्थान के प्राचार्य डॉ सैलेश अय्यर की अध्यक्षता में तैयारी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई l इस दौरान प्रोफ़ेसर गीता गुप्ता, डॉ हरजीत सिंह, शिवानी पंड्या, कल्पेश सोलंकी, नीलमणि श्रीवास्तव, डॉ सचिन देव, एरोमल वेणुगोपाल आदि प्राध्यापकों ने भाग लेकर विचार विमर्श किया l
संस्थान के प्राचार्य डॉ सेलेश अय्यर एवं कैंपस डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पानी, मिट्टी/तलछट और खाद्य नमूनों में विषैले धातुओं एवं प्राथमिक प्रदूषकों के विश्लेषण की गहन समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिसमें विशेष रूप से पर्यावरणीय एक्सपोज़र से संबंधित फॉरेंसिक जांच पर ध्यान दिया जाएगा।
कार्यशाला के महत्वपूर्ण विषयो की जानकारी देते हुए प्राचार्य डॉ सेलेश अय्यर ने बताया कि इस दौरान प्रयोगशाला सुरक्षा एवं पर्यावरणीय सैंपलिंग तकनीकें, मैट्रिक्स आधारित विधि चयन और सैंपल तैयारी, वेट डाइजेशन और ड्राई ऐशिंग प्रक्रियाएं, सॉलिड फेज एक्सट्रैक्शन (SPE) द्वारा क्लीन-अप और प्री-कॉन्सेंट्रेशन UV-Visible स्पेक्ट्रोफोटोमेट्री और FTIR जैसी विश्लेषणात्मक तकनीकें परिणामों की व्याख्या एवं फॉरेंसिक रिपोर्टिंग, गुणवत्ता आश्वासन एवं गुणवत्ता नियंत्रण (QA/QC), जैसे ब्लैंक्स, स्पाइक्स, LOD/LOQ आदि शामिल है l
आयोजन में पंजीकरण एवं व्यवस्थाओं के प्रभारी प्राध्यापक डॉ. सचिन देव एवं
डॉ. हरजीत सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पर्यावरण विषविज्ञान में सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करना, प्रतिभागियों को सही सैंपलिंग, संरक्षण एवं चेन-ऑफ-कस्टडी प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित करना, विश्लेषणात्मक विधियों के चयन और डेटा व्याख्या में कौशल बढ़ाना, फॉरेंसिक एवं पर्यावरणीय अनुप्रयोगों के लिए सटीक रिपोर्ट तैयार करने की क्षमता विकसित करना, अपेक्षित व सटीक परिणाम प्राप्त करने की योग्यता विकसित करना है l उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन तक प्रतिभागीयो को वास्तविक फॉरेंसिक परिस्थितियों में पर्यावरण विषविज्ञान के सिद्धांतों का उपयोग करने, सैंपलिंग, लेबलिंग और डॉक्यूमेंटेशन को सही तरीके से करने, डाइजेशन और SPE जैसी सैंपल तैयारी तकनीकों को लागू करने, आधुनिक उपकरणों की सहायता से परिणामों का विश्लेषण एवं व्याख्या करने, QA/QC के माध्यम से डेटा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने, पर्यावरण निगरानी और फॉरेंसिक संचार के लिए प्रभावी रिपोर्ट तैयार करने प्रशिक्षित किया जाएगा l
प्रशिक्षण कार्यक्रम NSIT-IFSCS, जेतलपुर, अहमदाबाद द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो स्वामीनारायण विविध सेवा निकेतन ट्रस्ट द्वारा संचालित है और फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा और संबंधित क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाना पहचाना नाम है। पंजीकरण व अन्य विविध जानकारीयों के लिए प्राध्यापक डॉ. सचिन देव, 9718216424 एवं डॉ. हरजीत सिंह, 9368050352 से संपर्क किया जा सकता है तथा संस्थान की ईमेल – rdc@nsitifsccs.ac.in और
sachin.dev@nsitifsccs.ac.in से भी सूचना प्राप्त की जा सकती है l



