बॉलीवुड अभिनेता शरद केलकर ने छात्रों से एआई में निपुण होने का आग्रह किया

-एनएफएसयू में छात्र प्रेरण कार्यक्रम “दीक्षारंभ-2025” का आयोजन हुआ
-एनएफएसयू ने दुनिया भर के 90 से अधिक देशों में फोरेंसिक क्षमता निर्माण में मदद कर रहा है: डॉ. जे.एम. व्यास
गांधीनगर। राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), गांधीनगर में को छात्र अभिविन्यास कार्यक्रम “दीक्षारंभ-2025” का आयोजन दिनांक 11 अगस्त, 2025 किया गया। बॉलीवुड अभिनेता श्री शरद केलकर इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। पद्मश्री से सम्मानित, एनएफएसयू के कुलपति डॉ. जे. एम. व्यास ने अध्यक्षीय भाषण दिया। शरद केलकर ने अपनी शिक्षा यात्रा और शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों के महत्व के बारे में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि “आप एनएफएसयू का हिस्सा बनकर बहुत भाग्युशाली हैं, जहाँ आपको फोरेंसिक और जाँच के पहलुओं की जानकारी मिलेगी”। इसके अलावा, उन्होंने एनएफएसयू के छात्रों से एआई जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग करके किए गए अपराधों का पता लगाने के लिए अनुसंधान करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि वे एआई के गुलाम न बनें, बल्कि उसके मात्र बनें।पद्मश्री से सम्मानित, एनएफएसयू के कुलपति डॉ. जे.एम. व्यास ने अपने अध्यक्षीय भाषण में दीक्षारंभ का अर्थ ज्ञान की यात्रा के आरंभ के रूप में समझाया। डॉ. व्यास ने एनएफएसयू की सफलता का श्रेय इसकी स्थापना से लेकर अब तक भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हमे बताया गया कि कुछ साइबर अपराधी धन कमाने के लिए शरद केलकर की नकली आवाज़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिल्म फोरेंसिक के एक भाग के रूप में, एनएफएसयू शरद केलकर की आवाज़ पंजीकृत करेगा। ताकि, यदि उनकी आवाज़ का दुरुपयोग किया जाता है, तो एआई तकनीक से उत्पन्न नकली आवाज़ की पहचान के लिए एनएफएसयू द्वारा नमूने का विश्लेषण किया जा सके। एनएफएसयू ऐसे लोगों की मदद करेगा जो एआई के कारण समस्याओं का सामना कर रहे हैं। एनएफएसयू



