महाकालेश्वर का जगन्नाथ स्वरूप : उज्जैन में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव हुए शामिल




उज्जैन। उज्जैन में शुक्रवार को इस्कॉन मंदिर और कार्तिक चौक जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकली। वहीं महाकालेश्वर मंदिर में उज्जैन में भगवान महाकाल को भी जगन्नाथ के रूप में सजाया गया।
इस्कॉन-उज्जैन द्वारा भगवान जगन्नाथ की 19वीं रथ यात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए। इससे पहले मंगल आरती और विधि विधान पूजा के इस्कॉन-उज्जैन द्वारा भगवान जगन्नाथ की 19वीं रथ यात्रा के समापन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए भगवान जगन्नाथ को नंदी घोष रथ, देवी सुभद्रा को दर्पदलन और बलभद्र को तालध्वज रथ पर विराजित किया गया। यात्रा में सबसे पहले बलराम उसके बाद सुभद्रा और फिर भगवान जगन्नाथ का रथ चला है। इस्कॉन की रथ यात्रा में शामिल रथों की ऊंचाई 21 से 25 फीट तक है। नगर के प्रमुख मार्गों पर सत्कार मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अहीर, गोंड व कोरकू जनजातीय नृत्य करते चल रहे हैं। भव्य रथ यात्रा में झांकी, घोड़े, हाथी, बैलगाड़ी और नृत्य मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहे। महिला, पुरुष, बच्चे सहित सभी भक्तों ने भगवान का रथ खींचा। रथ के आगे सोने की झाडू से सफाई की जा रही है। यात्रा में ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई।



