फरवरी 2026 में प्रि-डिपार्चर डिटेंशन के मामले में रतलाम मंडल भारतीय रेलवे में प्रथम

रतलाम, 05 मार्च। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वर्ष के अंतिम चरण में पहुँचते हुए फरवरी 2026 में मंडल ने एक और उल्लेखनीय सफलता अपने नाम की है। रतलाम मंडल ने प्रि-डिपार्चर डिटेंशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नई उपलब्धि दर्ज की है। भारतीय रेलवे के उन बड़े मंडलों में, जहाँ प्रतिदिन 100 से अधिक मालगाड़ियों के लिए टीए जारी किए जाते हैं, रतलाम मंडल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पश्चिम रेलवे को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि मंडल रेल प्रबंधक के नेतृत्व, परिचालन विभाग के कुशल मार्गदर्शन तथा परिचालन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। इसी सामूहिक प्रयास के कारण रतलाम मंडल इस महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुँचने में सफल हुआ है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए मंडल में क्रू बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है। क्रू बुकिंग में 100 प्रतिशत एफओआईएस-सीएमएस ( फ्रेट ऑपरेशन मैनेजमेंट सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम ) का एकीकरण सुनिश्चित किया गया है तथा बुकिंग केवल इंटीग्रेटेड एफओआईएस आईडी के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही क्रू लॉबी की नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे क्रू को समय पर ड्यूटी के लिए भेजना और समय पर क्रू टीए प्रदान करना संभव हो सका है तथा पुट-बैक प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा रही है।
रेलवे यार्डों में उन ट्रेनों के लिए अलग-अलग सेगमेंटेशन की व्यवस्था की गई है जो थ्रू ट्रेन होती हैं या जिनमें इंजन परिवर्तन की आवश्यकता होती है। इससे संचालन में होने वाली अनावश्यक देरी को काफी हद तक कम किया गया है। साथ ही मालगाड़ियों की औसत गति में सुधार, क्रू के कार्य घंटों पर बेहतर नियंत्रण तथा प्रमुख यार्डों और क्रू बदलने के स्थानों पर होने वाली कंजेशन में कमी भी इस सफलता के प्रमुख कारक रहे हैं।
इन्हीं प्रयासों और प्रभावी समन्वय का परिणाम है कि फरवरी 2026 में रतलाम मंडल ने 41 मिनट की प्रि-डिपार्चर डिटेंशन के साथ भारतीय रेलवे के उन प्रमुख मंडलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जहाँ से प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों के लिए टीए जारी किए जाते हैं।


