उज्जैन समाचार

शिव नवरात्रि के तीसरे दिन भगवान श्री महाकालेश्वर ने शेषनाग धारण कर भक्तों को दिये दर्शन



उज्जैन 08 फरवरी 2026 । श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि का उत्सव बड़ी धूम-धाम एवं उल्‍लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर 14 फरवरी 2026 तक अलग-अलग स्वरूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ के तट पर प्रातः 08 बजे से श्री गणेश पूजन व श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का पूजन-अभिषेक-आरती के साथ शिव नवरात्रि महोत्सव के तृतीय दिवस का प्रारम्भ हुआ। श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राम्हणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान जी का अभिषेक एकादश-एकादशिनी रूद्रपाठ से किया गया। पूजन का यह क्रम 14 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन चलेगा अपराह्न में 03 बजे सांध्य पंचामृत पूजन के पश्चात श्री महाकालेश्वर भगवान ने भांग श्रृंगार कर निराकार से साकार रूप धारण किया।
शिव नवरात्रि के तृतीय दिवस संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर ने शेषनाग धारण कर भक्तों को दर्शन दिये। साथ ही भगवान श्री महाकालेश्वर को मुकुट, मुण्ड माला, नागकुंडल एवं फलों की माला के साथ शेषनाग धारण करवाया गया। सोमवार 09 फरवरी 2026 को श्री महाकालेश्वर भगवान श्री घटाटोप के स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देगें।06 फरवरी 2026 से डॉ. अजय अपामार्जने की नौ दिवसीय कथा का प्रारंभ हुवा है, कीर्तन प्रतिदिन सायं 05 से 06 बजे तक मन्दिर परिसर मे नवग्रह मन्दिर के पास संगमरमर के चबूतरे पर हो रहा है हरिकीर्तन के तीसरे दिन डॉ. अपामर्जने ने श्री संत कबीर महाराज के भजन ’’ कब सुमीरोगे राम अब तुम ’’ इसके माध्यम से नमस्मरण का महात्मय, जीवन का ध्येय इस विषय पर विवेचन करके शिवभक्ती का महत्व विविध भजनों के माध्यम से श्री अपामार्जने द्वारा किया गया एवं भगवान शिव की भक्ति की कथा सुनाई एवं तबला पर संगत श्री श्रीधर व्यास ने की।

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