साइबर सुरक्षित समाज के निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका – डॉ विशाली शर्मा

बढ़ते साइबर अटैक गंभीर समस्या, साइबर सुरक्षा कौशल आवश्यक
अहमदाबाद, 7 दिसम्बर l नवीन तकनीकी के दौर में जहां एक और मानव जीवन के लिए काफी सुविधाए उपलब्ध कराई है वही साइबर अटैक जैसे मामले भी सामने आ रहे हैं जो किसी भी व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं अतः इस मामले में भी जन जागरूकता संचार तथा सुरक्षा के इंतजाम करना आवश्यक हो गया है l इस संबंध मे साइबर सिक्योरिटी एवं फॉरेंसिक साइंस की विशेषज्ञ तथा नरनारायण शास्त्री इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी संकाय में प्राध्यापक डॉ विशाली शर्मा कहती है कि साइबर सुरक्षित समाज के निर्माण में विद्यार्थियों की अहम भूमिका है और वर्तमान परिपेक्ष में यह समय की आवश्यकता भी है l संकाय प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में डॉ विशाली शर्मा ने कहा कि तकनीकी के नवीन दौर में समाज को कई तरह की सुविधाए उपलब्ध हुई है लेकिन तकनीकी के दुरुपयोग के चलते कई समस्याएं भी सामने आई है जिससे बचाव आवश्यक हो गया है l पिछले कुछ समय के दौरान हुए साइबर अटैक के चलते आमजन को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा है ऐसी स्थिति में साइबर सिक्योरिटी के प्रति जन जागरूकता का संचार आवश्यक है l बार-बार हो रहे साइबर अटैक के खतरों के चलते अब इनसे बचाव और सुरक्षा प्रबंध को लेकर जनता को सजगता का संदेश देना आवश्यक है l उन्होंने कहा कि आमजन के लिए साइबर सुरक्षा वर्तमान का आवश्यक कौशल हो चला है lउन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जीवन के हर क्षेत्र में नवीन तकनीकी से जुड़ी सुविधाओं का उपयोग बढ़ता जा रहा है जिसके चलते आमजन को भी जागरूक होना आवश्यक हो गया है l नियमित रूप से विभिन्न कार्यों के लिए ओटीपी का उपयोग, मोबाइल के विभिन्न कार्य उपयोग के दौरान आने वाले मैसेज व अज्ञात लिंक, ठगी के फिशिंग लिंक आदि से बचाव, मोबाइल के विभिन्न ऐप के उपयोग के दौरान प्राप्त संदेशों को देखना तथा संदिग्ध तथा नुकसानदायक ऐप व सूचनाओं से बचाव, सार्वजनिक स्थानों हवाई अड्डे, कैफे, माल आदि पर वाई-फाई का उपयोग करने में सतर्कता, अपने दैनिक कार्यों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में पासवर्ड का उपयोग करना व इसमें नियमित परिवर्तन करना जैसे मुद्दों पर ध्यान देना वर्तमान में आमजन के लिए बहुत उपयोगी हैं l उन्होंने फॉरेंसिक साइंस व साइबर सिक्योरिटी विषय के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को लेकर कहा कि यह न केवल तकनीकि के प्रति बल्कि सुरक्षा को लेकर भी युवाओं के मन में रुचि का संकेत देती है l वर्तमान समय में विद्यार्थी और युवा तकनीकी सूचना और जानकारी में रुचि रखते हैं और अध्ययन करने के इच्छुक है, साथ ही वह समाज के प्रति अपने दायित्व बोध के तहत जागरूकता का संदेश भी देने का प्रयास कर रहे हैं यह एक सकारात्मक संकेत है lउन्होंने बताया कि साइबर सिक्योरिटी एवं फॉरेंसिक साइंस के अध्ययन के दौरान सैद्धांतिक और प्रायोगिक कार्य के माध्यम से विद्यार्थी को विषय विशेषज्ञ बनाने का प्रयास किया जाता है जिससे वह अपने कार्यों को बेहतर ढंग से करने में सक्षम बनता है l उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक साइंस एवं साइबर सिक्योरिटी के अध्ययन के दौरान नियमित शिक्षण के साथ विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण, सेमिनार, CTF व इंटर्नशिप आदि के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन दिया जाता है वहीं विभिन्न विश्वविद्यालय के आपसी सहयोगात्मक समन्वय से विद्यार्थियों को अधिक उपयोगी सूचनाओं के आदान-प्रदान में भी मदद मिलती है l



