नगर निगम को चूना लगाने का खेल: मुरलीपुरा में राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त, पांच वार्डों में पेयजल सप्लाई बाधित

पीएचई के अफसरों की लापरवाही फिर उजागर
उज्जैन। मुरलीपुरा स्थित मेन राइजिंग 750एम एम अंबोदिया फिल्टर प्लांट से उज्जैन की तरफ आने वाली पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। हर साल इस तरह लाइन को क्षतिग्रस्त कर लाखों रुपए का खेल पीएचई अफसरों द्वारा किया जाता है।
शनिवार को महापौर मुकेश टटवाल द्वारा मौके का अवलोकन किया गया। संधारण कार्य में पुरानी पाइपलाइन जो सन 1980 में डाली गई थी कल दोपहर में उच्च दबाव के कारण क्षतिग्रस्त पाई गई। जिससे वार्ड क्र 2,3,4,5,6 जल प्रदाय कम दबाव प्रदान किया गया। महापौर मुकेश टटवाल ने पीए ई विभाग के अधिकारियों को उक्त नवीन पाइपलाइन के संधारण कार्य के पूर्ण करने के निर्देश प्रदान किए जिससे नगर की जनता को जल प्रदाय करने में कोई समस्या ना आए अवलोकन में जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा एवं एमआईसी सदस्य डॉ.योगेश्वरी राठौर के साथ पीएचई कार्यपालन यंत्री वैभव भावसार एवं उपयंत्री दिलीप नौधानें मौजूद रहे।
इस मामले में कांग्रेस पार्षदों ने पीएचई के प्रभारी की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि हर साल इस तरह की घटना होती है उसका खुलासा होना चाहिए। जिन अफसरों की लापरवाही से इस तरह की घटनाएं होती है उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। नगर निगम के आर्थिक नुकसान की भरपाई अफसरों की जेब से होना चाहिए।



