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गोरखपुर में गोरक्षनाथ पीठ, उज्जैन की भर्तृहरि गुफा और हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर में भी कॉरिडोर बनाया जाना चाहिए: पुजारी महासंघ

अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने एक पत्र देश के प्रधानमंत्री को लिखा

उज्जैन। भारत के सभी धर्मस्थलों का कॉरिडोर बनने के बाद आम भक्तों की संख्या बढ़ी है सरकार द्वारा कॉरिडोर बनाने की मंशा नगर का विकास, धार्मिक, सांस्कृतिक, धरोहर की पहचान एवं आर्थिक दृष्टि से व्यवसाय की वृद्धि हो, इसलिए सरकार कोरिडोर बनाने की ओर विशेष ध्यान दे रही हैं वृंदावन में भी कॉरिडोर बनाने के लिए प्रदेश सरकार अग्रसर है इसी विषय को लेकर अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने एक पत्र देश के प्रधानमंत्री को लिखा है राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने बताया कि पत्र में गोरखपुर की गोरक्षनाथ पीठ, उज्जैन की भर्तृहरि गुफा और हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर का सरकारीकरण करते हुए कॉरिडोर बनाने की मांग की हैं। यदि इन स्थानों पर कॉरिडोर बनता हैं तो इन स्थानों का व्यवसाय, व्यापार, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना बढ़ेगी। साथ ही सरकारीकरण भी किया जाना चाहिए जिससे सनातन धर्म के लोगों को लाभ प्राप्त होगा।
पत्र में उज्जैन नगर के 13 अखाड़ों को भी अधिग्रहित कर अखाड़ों को पुरातत्व कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का उल्लेख हैं जिससे सनातन धर्म के लोग अखाड़ों के इतिहास से परिचित होककर उसके महत्व को जान सके।अखाड़ों की स्थापना क्यों की गई, उनकी परंपरा क्या हैं और वर्तमान में देश, धर्म को उनका क्या योगदान है उसका चित्रांकन किया जाना चाहिए।जिससे सनातन धर्म के मानने वाले भक्तो को इसका ज्ञान और लाभ मिलेगा। जिस प्रकार देश के धार्मिक स्थलों का अधिग्रहण कर कोरिडोर विकसित किए हैं उसी प्रकार इन स्थानों का भी धार्मिक कॉरिडोर और पुरातात्विक कॉरिडोर बनाया जाए यह सनातन धर्म को मानने वाले भक्तों की मंशा है।

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