जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर झूठ का पुलिंदा, कांग्रेस ने की कड़े शब्दों में निंदा
कांग्रेस ने कहा, भाजपा की तानाशाही और विपक्ष को कुचलने की साजिश है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर एफआईआर

उज्जैन। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज फर्जी एफआईआर को शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी एवं नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने तानाशाही और विपक्ष को कुचलने की साजिश बताया है।
मुकेश भाटी एवं रवि राय ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर एफआईआर पीड़ितों की आवाज को दबाने और सच्चाई को झूठ के नीचे दफन करने की घिनौनी रणनीति का जीता-जागता सबूत है। भाजपा सरकार का यह कृत्य लोकतंत्र पर काला धब्बा है, जिसे मध्यप्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
पूरा मामला अशोकनगर जिले के मूड़रा बरवाह गांव का है, जहाँ 10 जून 2025 को गजराज लोधी और रघुराज लोधी ने आरोप लगाया कि स्थानीय सरपंच के पति और उनके साथियों ने उनकी मोटरसाइकिल छीनी, उनके साथ मारपीट की, और अमानवीय रूप से उन्हें मानव मल खाने के लिए मजबूर किया। इस जघन्य अपराध की शिकायत लेकर पीड़ितों ने उसी दिन, 10 जून 2025 को जनसुनवाई कार्यक्रम में अशोकनगर कलेक्टर से मुलाकात की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, यह मामला 11 जून 2025 को मीडिया में सामने आया। जिसमें मल खिलाने और पीड़ितों में से एक के आत्मदाह की कोशिश की खबर ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। यह खबर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर करती थी। 10 दिन बाद, 25 जून 2025 को, पीड़ितों ने मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से ओरछा में मुलाकात की। यह स्पष्ट करता है कि पीड़ितों ने स्वतः अपनी शिकायत को पहले कलेक्टर और फिर मीडिया के सामने उठाया था, और श्री पटवारी के कहने पर उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाए। एक जिम्मेदार नेता के रूप में, श्री पटवारी ने तुरंत अशोकनगर कलेक्टर से फोन पर बात की और इस मामले में 8 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की। इस बातचीत के दौरान कलेक्टर ने भी पुष्टि की कि पीड़ितों के आरोप उन्हें 10 जून 2025 को जनसुनवाई में प्राप्त हुए थे। श्री पटवारी ने पीड़ितों के बयान और कलेक्टर से बातचीत का वीडियो उसी दिन सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो गया। इस वीडियो ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता और प्रशासन की विफलता को उजागर किया।
लेकिन भाजपा ने इस मामले को एक शर्मनाक मोड़ दे दिया। 26 जून 2025 को, पीड़ितों ने कलेक्टर को शपथ पत्र सौंपकर अपने बयान से पलट गए और दावा किया कि उन्होंने श्री पटवारी के कहने पर झूठे आरोप लगाए। इसके आधार पर मुंगावली पुलिस ने उसी दिन श्री पटवारी के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज की, जिसमें उन पर जातिगत वैमनस्य फैलाने का बेबुनियाद आरोप लगाया गया। मुकेश भाटी एवं रवि राय ने कहा कि यह साफ है कि पीड़ितों को डराया-धमकाया गया और सत्ताधारी दल के दबाव में उन्हें झूठा बयान देने के लिए मजबूर किया गया। मुकेश भाटी एवं रवि राय ने कहा कि जीतू पटवारी लगातार दलितों, किसानों और पीड़ितों की आवाज उठाकर सरकार की नाकामियों को बेनकाब कर रहे हैं। भाजपा का यह कदम न केवल श्री पटवारी के खिलाफ है, बल्कि हर उस आवाज के खिलाफ है जो अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बोलती है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी एवं रवि राय ने भाजपा सरकार की इस साजिश की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जीतू पटवारी पर दर्ज एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए



