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डेढ़ घंटे तक केमिकल उद्योग के सामने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिये चला प्रदर्शन

-उद्योग प्रबंधको की मौजूदगी में प्रशासन को दिया ज्ञापन

नागदा । ग्रेसिम केमिकल उद्योग बिरलाग्राम नागदा एक बड़े रासायनिक उद्योग के रूप में जाना जाता है जहां पर कई प्रकार के केमिकलो का उत्पादन व प्रयोग किया जाता है। इसलिये यहां पर प्रशिक्षित व कुशल श्रमिको की स्थाई तौर पर भर्ती होना चाहिये। वहीं उक्त उद्योग के उत्पादन से जहरीले प्रभाव को भी नकारा नहीं जा सकता। इसीलिये यहां पर स्थानीय युवाओं को भी वरीयता के आधार नौकरी पर रखा जाना चाहिये। लेकिन उद्योग के चंद अधिकारियों एवं ट्रेड युनियन नेताओं के स्वार्थ के चलते अन्य प्रान्त के लोगों तथा चेहते लोगो की भर्ती की जा रही है। जिनकी जिस पद पर भर्ती की गई है उनके योग्यता के प्रमाण पत्र उद्योग के उच्च अधिकारियों द्वारा देखे जाए तो स्वतः ही सिद्ध हो जायेगा कि भर्तियों में कहीं न कहीं गड़बड़ झाला है।
उक्त आरोप लगाते हुए उद्योग के सामने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने कहा कि अयोग्य व अप्रशिक्षित लोगों की भर्ती से उद्योग में आशंका हमेशा बनी रहेगी जिसका नुकसान सम्पूर्ण क्षेत्र को उठाना पड़ेगा। आज हमारे द्वारा चंद युवा साथियो के साथ हाल ही में ग्रेसिम केमिकल डिवीजन में हुई भर्तियों के विरोध में तथा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिये प्रदर्शन किया गया। जिसके परिणामस्वरूप उद्योग प्रबंधकों व क्षेत्र के आला प्रशासनिक अधिकारियों को हमारी बात सुनने व ज्ञापन देने आना पड़ा। आने वाले समय में उद्योग की मनमर्जी व तानाशाही के खिलाफ वार्ड-वार्ड जाकर बेरोजगार युवाओं को बायोडाटा संग्रहित कर बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी की जायेगी।
मंगलवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार दुर्गापुरा चौराहे से पैदल मार्च कर कांग्रेस नेता बसंत मालपानी के नेतृत्व में दो दर्जन युवा साथियों ने पैदल मार्च कर उद्योग के सामने जोरदार नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त करते हुए डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके पश्चात् अनुविभागीय अधिकारी सत्यनारायण सोनी, सीएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव, उद्योग प्रबंधक महेश गर्ग, अजय नागर, थाना प्रभारी बिरलाग्राम पिंकी आकाश व थाना प्रभारी मंडी अमृतलाल गवरी की मौजूदगी में एसडीएम श्री सोनी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन के साथ 103 स्थानीय बेरोजगार युवाओं की सुची सौपी जिसमें कई युवा उच्च शिक्षा प्राप्त भी थे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ग्रेसिम केमिकल उद्योग बिरलाग्राम नागदा जं. जिला उज्जैन में लगभग 23 से 27 लोगों को स्थाई रूप से काम पर रखा गया है। उक्त भर्तियों से पूर्व उद्योग प्रबंधकों द्वारा भर्ती करने संबंधित कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई वहीं भर्तियों में भी पारदर्शिता नहीं रखते हुए उद्योग के अधिकारियों व ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों के चेहतों को रखा गया है। जिनमें से कई लोग दूसरे प्रान्त के है वहीं कई लोग केमिकल उद्योग में काम करने की योग्यता नहीं रखते है। विदित रहे कि केमिकल उद्योग में 80 प्रतिशत कुशल श्रमिक होना आवश्यक है ताकि कोई भी गंभीर हादसा घटित ना हो। लेकिन सारे नियमों को ताक में रखते हुए उक्त भर्तियों में भारी लेनदेन होने की भी जांच होना चाहिये।
साथ ही उक्त उद्योग में कई वर्षो से ठेकेदारी में काम कर रहे मजदूर ट्रेंड हो चुके है लेकिन उन ठेकेदारी मजदूरों को स्थायी ना करते हुए अयोग्य रिश्तेदारों की भर्ती की गई है। यहां यह बात भी उल्लेखनीय है कि ग्रेसिम केमिकल उद्योग द्वारा कुछ वर्ष पूर्व भी स्थाई भर्तियों में मनमर्जी की गई थी और बाहरी लोगों को काम पर रखा गया था जिसका हमारे द्वारा विरोध भी किया गया था। साथ ही उद्योग प्रबंधकों को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय, उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के बायोडाटा भी नौकरी के लिये दिये गये थे। यहाँ के उद्योगो से निकलने वाली जहरीली गैसे व रासायनिक पदार्थो का स्थानीय वासियों के स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। इसीलिये यहां के उद्योगो को निर्देशित किया जाये कि स्थानीय लोगो को ही वरीयता के आधार पर नौकरी दे।
ज्ञापन का वाचन मजदूर नेता अशोक मीणा ने किया। इस मौके पर चेतन नामदेव, श्रवण सोलंकी, मोहम्मद अली सैलानी, जुम्मन खां, विनय सिंगोटिया, महेन्द्रसिंह पंवार, कुंदन परिहार, आरिफ खान, शशिकान्त सोलंकी, नितेश गोयल, प्रहलाद बोडाना सहित बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे।


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