बेसहारा वृद्ध, दिव्यांगों के मसीहा सुधीर भाई के पास आते ही बोलने लगी वृद्धा


दिल्ली के कलाकार की मां को रेलवे पुलिस सेवाधाम आश्रम लेकर पहुंची थी
उज्जैन (राजेश रावत )। बेसहारा और दिव्यांग के मसीहा के नाम से पहचाने जाने वाले सुधीर भाई गोयल का करिश्मा ऐसा है की उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे वृद्ध और दिव्यांग न सिर्फ उनके साथ अपनी जिंदगी के वाकया साझा करते हैं बल्कि गुनगुनाने भी लगते हैं ऐसा ही वाकया उनके जन्मदिन के एक दिन बाद मंगलवार को हुआ।
एक 90 साल की वृद्धा दो दिन से रेलवे स्टेशन पर भटक रही थी रेलवे पुलिस को जानकारी मिली तो वह अपने पास लेकर आई और उनका नाम पता पूछने की कोशिश की । परंतु वृद्धा ने कुछ नहीं बताया। परेशान होकर वृद्धा को पुलिस मंगलवार 27 अगस्त 24 को अंबोदिया स्थित सेवा धाम आश्रम लेकर पहुंची और पूरी कहानी बताई। सेवाधाम के संचालक सुधीर भाई के स्नेह और आत्मीय व्यवहार से न सिर्फ वृद्धा ने अपना नाम पता बताया, बल्कि गुनगुनाने भी लगी । वृद्धा ने अपने कलाकार बेटे का पता और नंबर भी बता दिया इससे परिजन वृद्धा तक पहुंच पाए सुधीर भाई के आश्रम में ऐसे 850 से ज्यादा लोग रहते हैं। जो देश भर के अलग-अलग शहरों से परिजनों से ठुकराए या परिस्थितिवस यहां पहुंचे। सबकी देखभाल सुधीर भाई के मार्गदर्शन में होती है। सुधीर भाई का कहना है कि यह उनका जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा है जब वह किसी 80 साल के वृद्ध की मदद कर पाए। उन्होंने बताया कि वृद्ध और दिव्यांगों की सेवा करने का मौका मिलना भगवान का आशीर्वाद मानते हैं उन्होंने आश्रम के सभी वृद्ध जनों का आशीर्वाद लेकर अपना जन्मदिन मनाया।
अपनी समाधि का स्थान भी तय कर दिया आश्रम में : सेवा धाम के सुधीर भाई का कहना है कि वह जीवन के इस पड़ाव में पहुंच चुके हैं कि कब दिया बुझे पता नहीं इसलिए उन्होंने आश्रम में ही अपनी समाधि का स्थान तय कर दिया है। वे चाहते हैं कि उनके निधन के पर कोई शोक सभा ना हो। ना कोई उठाओ ना और ना ही श्रद्धांजलि सभा बल्कि उन्हें जीवित श्रद्धांजलि दी जाए। क्योंकि मरने के बाद पता नहीं होता कि आपको किस तरह की श्रद्धांजलि दी जा रही है।
जन्मदिन की शुरूआत सूर्य को अर्द्ध देकर की गौ रक्षा-पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया : कृष्णजन्माष्टमी पर ‘अंकित ग्राम’ सेवाधाम आश्रम संस्थापक सुधीर भाई गोयल ने अपना जन्मोत्सव सेवा पर्व के रूप में आश्रम परिवार के 850 सदस्यों के साथ मनाया उनके बीच खुशियाँ बांटी। सर्वप्रथम सुधीर भाई ने सूर्य को अर्द्ध देकर गौ सेवा कर गौ-रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराया। प्रतिवर्षानुसार कुष्ठधाम हामूखेडी के महारोगी भाई बहन आश्रम में आए, भाईजी की कलाई पर महारोगी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधे व भाईजी के साथ कांता भाभी, मोनिका दीदी एवं गौरी दीदी ने विशेष भोजन कराकर अन्नदान-वस्त्रदान किया। 80 वर्षीय अशक्त निशक्त महारोगी गोरीशंकर को आश्रय दिया और आश्रम परिवार के दिव्याशीष प्राप्त किए। जन्मदिवस पर देश-विदेश से अनेक गणमान्यजनों एवं समाजसेवियों ने बधाई प्रेषित कर सेवा पथ पर अग्रसर होने की शुभकामनाऐं प्रेषित की।



