KSS कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा में पुनः रखी गई 20 साल के अनुभव की शर्त
मंदिर प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा
उज्जैन। KSS कंपनी पिछले कई वर्षों से श्री महाकालेश्वर मंदिर में फैसेलिटी मैनेजमेंट कार्य हेतु मैनपॉवर की सेवाएं दे रही है, आरोप लगाया जा रहा है कि उसे पुनः लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मंदिर समिति द्वारा निकाली गई निविदा में 20 साल के कार्य अनुभव की शर्त रखी गई है।
जबकि नियमानुसार प्रदेश की अन्य निविदाओं में 20 वर्ष तक का अनुभव नहीं मांगा जाता है। निविदा के संबंध में आयोजित प्रीविड मीटिंग के दौरान भी लगभग 8 कंपनियां सम्मिलित हुईं थीं जिनमें से 5 कंपिनयों द्वारा प्रशासक श्री महाकालेश्वर मंदिर के समक्ष 20 साल के कार्यानुभव की शर्त को नियमानुसार अनुचित बताया गया था तथा अनुभव के वर्षों को अन्य निविदाओं की भांति कम किये जाने हेतु निवेदन किया गया था।
परंतु उक्त शर्त में मंदिर समिति द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया तथा अनुभव के वर्ष यथावत रखे गये, जिससे सीधे तौर पर पुरानी कंपनी KSS को निविदा में लाभ पहुंचाने का प्रयास का आरोप लगाया जा रहा है। कंपनी ने पूरे मामले में चुप्पी साथ रखी है। वही मंदिर प्रशासन भी कुछ भी बोलने से बच रहा है। देर रात तक मंदिर प्रशासन ने अपना पक्ष नहीं स्पष्ट किया था।



