उज्जैन समाचारकिसान मंडी

उज्जैन जिले में वैज्ञानिकों ने किया किसानों के खेतों का निरीक्षण,

 

-सोयाबीन फसल की स्थिति अभी संतोषजनक कृषि
-वैज्ञानिक जाटवा की किसानों को सलाह खेत में पानी का जमाव न होंने दे

उज्जैन। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के खेतों का निरीक्षण किया गया है। विभिन्न फसलों के अवलोकन उपरांत विशेषकर सोयाबीन फसल से संतोषप्रद उत्पादन प्राप्त करने हेतु कृषकों सलाह दी। उक्त जानकारी देते हुए कृषि वैज्ञानिक हंसराज सिंह जाटवा ने बताया उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि वे वर्तमान वर्षा की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए खेतों में जल भराव की स्थिति निर्मित न होने दें। उचित जल निकास की व्यवस्था करें। सोयाबीन फसल (फूल की अवस्था) में किसी प्रकार की खरपतवारनाशी दवा का उपयोग करने से बचें। यदि खरपतवर की समस्या बहुत ज्यादा परिलक्षित होती है तो ऐसे स्थित में हाथ निदाई की व्यवस्था करें।

सोयाबीन में विभिन्न प्रकार की पत्तियां खाने वाली इल्लियों जैसे हरी अर्धकुडलक इल्ली, तम्बाकू की इल्ली, चने की इल्ली आदि का प्रकोप होने पर इमामेक्टिन बैंजोएट 425 मि.ली./हे. या फ्लूबेडामाइट 150 मि.ली./हे. 500 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। फसल में तना मक्खी का प्रकोप दिखाई देने पर थायोमिधाक्जॉम लेम्डासाइलोथ्रिन 125 मि.ली. या बीटासायफ्लुथ्रिन इंमिडाक्लोप्रिड: मी.ली./हे. 500 लीटर पानी के साथ उपयोग करें। गर्डलबीटल (रिंग कटर) का लक्षण दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु थायोक्लोप्रिड 750 मि.ली. या टेट्रनिलिप्रोल 250-300 मि.ली./हे. 500 सोयाबीन की फसल पर पत्ती धब्बा एवं ऐन्थेम्नोज बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर टेबुकोनाजॉल सल्फर 1.25 कि.ग्रा या हैक्साकोनाजॉल 800 मि.ली. 500 लीटर पानी के साथ प्रति हे. उपयोग करें। सोयाबीन फसल में पीला मोजेक रोग के लक्षण दिखाई देने पर रोगग्रस्त पौधे को खेत से उखाड़ कर जमीन के अंदर दबा दें। 100 ग्राम या इमिडाक्लोपिग्रड 17.8 एस.एल 300 मि.ली. 500 लीटर पानी के साथ में छिडकाव करें। ज संकर मक्के की फसल में नत्रजन की आपूर्ति हेतु नीम कोटेड यूरिया 100 कि.ग्रा/हे. के मान से तने के पास रखें। साथ ही फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण हेतु एमामेक्टिन बेंजोएट 4.25 मि.ली. या स्पायनेटोरम का 450 मि.ली./हे. 500 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर पौधों के शीर्ष पर छिडकाव करें। पीला मोजैक रोग से बचाव हेतु पीली स्टीकी ट्रेप लगाए एवं फसल में पक्षियों के बैठने हेतु ज आकार की खूंटीयां लगाए। फूलगोभी में डाईमंड बैंक मोथ के प्रबंधन हेतु जैविक कीटनाशी बेवरिया वैसियाना 1 कि.ग्रा/हे. का उपयोग करें। जिन किसान भाईयों द्वारा सल्फर का उपयोग नहीं किया जाता है ऐसी स्थिति में 0:0:50 2 कि. ग्रा/हे. में 500 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें।

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