नगर निगम
4 साल में 2 किलोमीटर पाईप लाईन नहीं डाल पाया नगर निगम का भाजपा बोर्ड
करोड़ों खर्च कर नर्मदा का पानी लाने का दावा करने वाली भाजपा सरकार जलसंकट में हर साल तरसा रही उज्जैन की जनता को

-करोड़ों खर्च कर नर्मदा का पानी लाने का दावा करने वाली भाजपा सरकार जलसंकट में हर साल तरसा रही उज्जैन की जनता को
उज्जैन। उज्जैन में जलसंकट सर पर खड़ा है, केवल इस बार नहीं हर बार उज्जैन में एक भय का माहौल नगर निगम के भाजपा बोर्ड द्वारा खड़ा कर दिया जाता है, महीनों पहले से एक दिन छोड़कर एक दिन पानी, कई क्षेत्रों में तो पानी के लिए वर्ष भर ही हाहाकार मचा रहता है, लेकिन इस जलसंकट को दूर करने का कोई स्थाई समाधान नगर निगम का निष्क्रिय भाजपा बोर्ड नहीं निकाल पा रहा, हद तो यह है कि चिंतामण ब्रिज से कार्तिक मेला की करीब दो किलोमीटर की पाईप लाईन तक नगर निगम 4 साल में नहीं डाल पाया।
नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने कहा कि उज्जैन में नर्मदा का पानी लाने के नाम पर जनता के करोड़ों खर्च करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार और उज्जैन का नगर निगम बोर्ड मिलकर भी जलसंकट में नर्मदा का पानी नहीं पिला पाते। यदि किसी योजना का लाभ आमजन को नहीं मिले तो उस पर जनता के गाड़े खून पसीने की कमाई क्यों खर्च करना। गंभीर डेम में 15-20 दिन का पानी शेष रहा है, लेकिन उसका कोई विकल्प नगर निगम के भाजपा बोर्ड के पास नहीं है, मुख्यमंत्री का गृहनगर जलसंकट की पीड़ा भुगत रहा है। चिंतामण ब्रिज से कार्तिक मेला ग्राउंड तक पाईप लाईन बिछाने का काम 4 सालों से अटका पड़ा है, 4 सालों में नगर निगम का भाजपा बोर्ड दो किलोमीटर की पाईप लाईन नहीं डलवा पाया। यदि यह पाईप लाईन डल जाये तो नर्मदा का पानी जल सप्लाय के लिये उपयोग में लाया जा सकता है। भाजपा बोर्ड शहर की जनता को मुलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रहा लोगों के घरों में गंदा नाली का पानी जा रहा है, पाईप लाईनें क्षतिग्रस्त हैं, कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा। विकट परिस्थिति में जनता को सुविधाएं नहीं दे पायें वो डबल इंजन की सरकार किस काम की। जो 4 सालों में दो किलोमीटर की पाईप लाईन नहीं डाल पाये वो सिंहस्थ महाकुंभ में करोड़ों भक्तों की आस्था को कैसे संभालेंगे। कैसे इस धर्मनगरी में आस्थावानों को शुध्द जल पिलाएंगे। कैसे ज्वलंत मुद्दों को हल कर पायेंगे।


